सेक्स बिना जिया जाता नहीं- 3

Views: 192 Category: Jija-Sali By enjoysunny6969 Published: February 25, 2026

मेच्योर सेक्स रिलेशन स्टोरी में बड़ी उम्र की सहेली में अपनी विधवा सहेली को सेक्स का सुख दिलवाने के लिए अपने पति की मदद ली. उन दोनों को सेक्स करने के लिये प्रेरित किया.

कहानी के दूसरे भाग
सुहागरात में सेक्स का दंगल
में आपने पहले एक सहेली की सुहागरात, फिर दूसरी सहेली की जोरदार सुहागरात की चुदाई का वर्णन पढ़ा.

अब आगे मेच्योर सेक्स रिलेशन स्टोरी:

दीपा और सचिन ने हनीमून का पूरा लुत्फ़ लिया.

वापिस आने पर दीपा को तो डॉक्टर के जाना पड़ा.
दिन रात की चुदाई से उसे चूत में इन्फेक्शन हो गया था.
सचिन था भी तो पूरा जंगली. पर दीपा को पसंद भी ऐसा ही सेक्स था.

अब तो दीपा और सचिन की जिन्दगी रंगीन होकर चलती रही.
एक साल बाद ही दीपा के एक सुंदर प्यारी सी लड़की हुई.
अब दीपा की छुट्टियां घर पर ही बीततीं.

सचिन ही उसके पास आ जाता.
पर किस्मत को कुछ और मंजूर था.
दीपा की बेटी मान्या जब दस साल की हुई, एक हादसे में सचिन का देहांत हो गया.

दीपा तो बिलकुल टूट ही गयी.
घर वालों ने बहुत कहा की दूसरी शादी कर लो.

सिम्मी और विनय ने बहुत समझाया पर दीपा अडिग रही.
उसने मान्या को अच्छी परवरिश देना ही अपना मकसद बना लिया.

अब साल में एक बार सिम्मी और विनय उसके पास आते और एक बार दीपा अपनी बेटी को लेकर हिन्दुस्तान आती.
वक्त यूं ही तेज चलता है.

सिम्मी का बेटा वरुण ऑक्सफ़ोर्ड से पढ़कर किसी एमएनसी में खासी तनखा पर लग गया.
उधर दीपा की बेटी मान्या भी फाइनेंस से पोस्ट ग्रेजुएशन करके जॉब ढूँढने लगी.

घर वालों के और सिम्मी के दबाव से अब दीपा ने वापिस भारत लौटने का मन बना लिया तो मान्या ने भी किसी एमएनसी में मुंबई में जॉब ले लिया.
अब दीपा मुंबई आ गयी.

उसकी और सिम्मी की नजदीकी अब भी वोही थी.
दीपा सिम्मी के साथ रहकर हंसबोल लेती थी, वरना चुप चुप ही घुटती.

उसे हर समय सचिन के साथ बिताये पल याद आते.
उसका जिस्म सेक्स को बहुत हुड़कता, पता नहीं ये 12-14 साल उसने कैसे काटे.

सिम्मी को मान्या बहुत पसंद थी.
उसने विनय से कहा, विनय ने अपनी मां से!

फिर विनय की माँ ने दीपा से बात की वरुण और मान्या की शादी की.
बात ठीक थी.
देखे हुए परिवार.

मान्या और वरुण से पूछा तो उन्होंने अपनी सहमति दे दी.

मान्या का डर केवल इतना था कि उसकी शादी के बाद दीपा अकेली रह जायेगी.
उसकी यह बात समझी सिम्मी और विनय ने.

उन्होंने वरुण को कहा कि वो गुरुग्राम में ही दीपा के लिए फ्लैट ले ले.
अब इस तरह दोनों परिवार आसपास ही रहेंगे.

मान्या और वरुण की शादी धूमधाम से हो गयी.
वो लोग सिम्मी और विनय वाली टावर में ही अलग फ्लैट में रहते.

दीपा के लिए भी संयोगवश उन्हें उसी टावर में एक फ्लैट मिल गया.
पुरानी सहेलियां फिर एक हो गयीं.

पर दीपा सिम्मी के घर कम ही आती.
सिम्मी ही अक्सर दीपा के पास जाती.

दोनों अब भी बिना झिझक कोई भी बात कर लेतीं.
पर सिम्मी अब दीपा से उसके और विनय के सेक्स की बात नहीं करती थी.
उसे मालूम था कि इससे दीपा की परेशानी बढ़ जायेगी.

जबकि सिम्मी और विनय का सेक्स आज भी जोरों पर था.
विनय आज भी उसकी दमदार चुदाई करता.
सिम्मी को भी बिना चुदे नींद नहीं आती.

दोनों आज भी साथ साथ नहाते.
विनय शावर के नीचे वो उसकी चूत जरूर चूसता.
सिम्मी उसके लिए अपनी चूत हमेश चिकनी रखती.
बेड पर आते ही सिम्मी अपनी टाँगे खोल देती और विनय सीधा उसकी फांकों के बीच अपना मुंह दे देता.

वरुण को एक विदेशी कम्पनी से जॉब ऑफर मिला तो वो और मान्या दो साल के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए.

उन्होंने दीपा से बहुत कहा कि वो भी चले.
पर दीपा तैयार नहीं हुई.

उनके जाने के बाद दीपा बिल्कुल अकेली हो गयी.
उसे देख कर सिम्मी को भी बहुत दुःख होता.

सिम्मी ने उसके लिए एक विधुर प्रोफेसर का रिश्ता ढूंढा.
व्यक्ति बहुत सुलझे हुए थे, कोई जिम्मेदारी नहींस पैसों की कोई कमी नहीं.

पर दीपा की हर इच्छा मर चुकी थी.
अब सिम्मी ने कुछ और सोचा.

उसने दीपा को तैयार कर ही लिया कि वो दिन में उसकी पास ही रहेगी और रात को सोने अपने फ्लैट में चली जायेगी.
अब दीपा भी हंसने बोलने लग गयी थी.

विनय अक्सर उसे छेड़ता- क्या यार एक ही साली थी, अब वो भी नहीं पूछती.
अक्सर खाते समय वो दीपा के हाथ से ही खाना परोसवाता.

कुल मिलाकर अब तीनों की वापिस अच्छी घुटने लगी.
देर रात तीनों ताश खेलते रहते.

विनय को रोज एक पेग लगाने की आदत थी.
वो कभी एक पेग से आगे बढ़ा नहीं तो सिम्मी भी उसका साथ देने लगी.

सिम्मी ने दीपा से बहुत कहा कि वो भी साथ पी ले.
पर दीपा बोली- अब सब छोड़ दिया.

खैर काफी कहने पर दीपा कभी कभार उन लोगों का साथ देने लगी.

अब विनय कभी हंसी मजाक में सिम्मी को चूम लेता तो दीपा उसे छेड़ती कि अब बुढापा आ गया है, सुधर जाइए.
पर सिम्मी कहती कि बुढ़ापा और विनय पर? अब तुझे क्या ही बताऊँ.

एक रात को चुदाई के समय सिम्मी ने विनय से कहा- यार दीपा को शादी के लिए कैसे तैयार करूं? उसका मन तो अब शादी से हट गया है.
विनय ने कहा- तुम तो कहती थीं कि दीपा तुमसे ज्यादा सेक्सी थी, फिर?

सिम्मी बोली- उसकी आग बुझ गयी है.
सिम्मी ने फिर रुकते हुए कहा- विनय सिर्फ तुम उसकी आग दोबारा भड़का सकते हूँ.
विनय बोला- तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है. अब वो मेरी साली नहीं, समधिन है. रिश्ता खराब हो जाएगा.

सिम्मी बोली- किसी को कुछ नहीं मालूम चलेगा. कैसे भी बस एक बार दीपा शादी के लिए हाँ, कह दे तो बाकी मैं सब संभाल लूंगी.
विनय चुप रहा.
उनकी चुदाई भी आधी अधूरी ही रही.

अगले दो दिनों में सिम्मी ने दीपा को विनय की चुदाई की तलब का जिक्र कई बार किया.
उसने महसूस किया कि दीपा सुनकर मुस्कुरा देती.
पहले की तरह वो बात पलटती नहीं थी अब.

अगले सप्ताह विनय का जन्मदिन था.
दीपा केक लेकर आई थी.
उसने विनय को एक महंगा गिफ्ट और साथ में एक व्हिस्की की बोतल दी.
उस ब्रांड की व्हिस्की उसे और सचिन को बहुत पसंद थी, तो दीपा ने वोही ब्रांड चुना विनय को गिफ्ट करने के लिए.

एक दिन पहले सिम्मी दीपा को लेकर ब्यूटी पार्लर गयी थी.
जबरदस्ती उसने अपने साथ साथ उसका भी जिस्म दमकवाया.

आधा दिन दोनों रहीं पार्लर में.
दीपा ऐसे तो सुंदर थी ही पर आज इतने दिनों बाद पार्लर जाने से उसका रूप दमक उठा.

रात को तीनों बाहर एक होटल में पार्टी करके वापिस आये.
सब बहुत खुश थे.

सिम्मी ने दीपा से कहा कि आज रात वो यहीं रुक जाए.
दीपा बोली- मैं क्यों कवाब में हड्डी बनूँ?
पर विनय ने भी कहा- सेलिब्रेट करेंगे.
तो दीपा रुक गयी.

कपड़े चेंज करके विनय ने वो व्हिस्की की बोतल खोली.
सबने चीयर्स करके पेग बनाए.

हंसी मजाक में कब एक पेग ख़त्म हो गया मालूम ही नहीं चला.

विनय ने जबरदस्ती एक एक पेग और बना दिया.
दूसरा पेग तो दीपा के सर पर चढ़ गया; वो बहकने लगी.

सिम्मी तो पक्के नशे में बहक कर विनय से लिपटने चिपटने लगी.

दीपा चुपचाप दूसरे कमरे में खिसक गयी.
इधर सिम्मी ने कमरे की किवाड़ बंद करे और अपने सारे कपड़े उतार दिए और नशे में बहकते हुए हैप्पी बर्थडे टू यू कहती हुई विनय से जा लिपटी और उसके कपड़े भी उतार दिये.
दोनों चुदाई में लग गए.

उन्हें होश ही नहीं था कि घर में दीपा भी है और कमरे का डोर ठीक से बंद ही नहीं हुआ.
झिरी खुली हुई थी.

दीपा दूसरे कमरे से छिपकर उनकी चुदाई देख रही थी.
विनय और सिम्मी भले ही नशे में हों, पर चुदाई दमदार कर रहे थे.

विनय बार बार उसके मम्मे चूसता.
फिर विनय ने उसके ऊपर चढ़कर सिम्मी की टांगों को फैलाकर दमदार पेलम पाल शुरू की.

दीपा की चूत से पानी निकल गया.
उसकी साँसें चल रही थीं.

जब उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो वो चुपचाप बाहर निकल कर अपने फ्लैट में चली गयी.

अगली सुबह सिम्मी आई और रात के लिए माफी मांगी.
दीपा हंस कर बोली- मैंने कुछ देखा ही नहीं. मैं तो तुरंत ही ऊपर आ गयी थी.

सिम्मी बोली- मुझे एक दिन के लिए देहरादून जाना है. कल रात तक वापिस आ जाउंगी. विनय मुझे स्टेशन छोड़कर अपने काम से जायेंगे. रात को वापिस आयेंगे. तुम खाने का देख लेना.

देर शाम को विनय वापिस आया.
वो दीपा से आँख नहीं मिला रहा था.
दीपा ने हँसते हुए कहा की आप तो इसे शर्मा रहे हैं जैसे किसी और के साथ किया हो. अरे, सिम्मी आपकी बीवी ही तो है. वो तो अच्छा हुआ मैं जल्दी चली गयी. वरना …

विनय ने निगाह उठायी और बोला- वरना क्या?
दीपा हंस गयी और बोली- आप फ्रेश हो लीजिये, डिनर लगाती हूँ.

डिनर से निबटकर दीपा अपने फ्लैट में जाने लगी तो विनय बोला- थोड़ी देर बाद चली जाना. अभी मुझे भी नींद नहीं आ रही.
दीपा रुक गयी.

विनय ने रोज की तरह अपने लिए पेग बनाया तो दीपा ने अपने लिए मना कर दिया.

विनय बोला- लगता है तुम कल का बुरा मान गयीं. चलो आज मैं भी नहीं पीता.
दीपा बोली- नहीं ऐसी बात नहीं. चलिए, छोटा पेग बना दीजिये.

अब शराब के साथ पुराने किस्से छिड़ गए.
वोही पुराना हंसी मजाक.

किसी बात पर दीपा ने हँसते हुए एक घूँसा लगा दिया विनय को.
विनय ने भी उसे लिपटा लिया अपने से.

बात हंसी तक सीमित थी.
पर अचानक दीपा चुप हो गयी और बोली- मुझे अब जाना है.

विनय ने उसका हाथ पकड़ लिया और अपनी ओर खींचा.
दीपा सीधी उसकी गोदी में जा गिरी.
दीपा उसे एक टक देखने लगी.

विनय ने सर नीचे करके उसके होंठों को चूम लिया.
दीपा बहक गयी … वो लिपट गयी विनय से.

सारे बाँध टूट गए.

मेच्योर सेक्स रिलेशन बनने के बाद होश जब आया तो दो नंगे जिस्म एक दूसरे में समाने को गुत्थम-गुत्था हो चुके थे.

दीपा ने अपने को छुड़ाना चाहा- विनय ये गलत है.
पर अब देर हो चुकी थी.
न तो विनय के बस में था कि वो दीपा को छोड़े, न दीपा के बस में था कि वो विनय को छोड़े.
दोनों मजबूती से एक दूसरे से फिर लिपट गये.

विनय ने दीपा के मांसल मम्मे मसलते हुए चूसे.
दीपा के हाथ में भी विनय का तना हुआ लंड आ गया था.

विनय नीचे हुआ और उसने दीपा की टांगें खोली और चूत की फांकों में मुंह दे दिया.
उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि दीपा की चूत एकदम चिकनी थी.

उसने आश्चर्य से फुसफुसाकर पूछा- तुम्हें मालूम था कि ऐसा होगा?
दीपा चिहुंकी- मुझे तो नहीं मालूम था पर उस कमीनी सिम्मी का किया धारा है ये सब. अब मुझे समझ आया कि परसों क्यों उसने जबरदस्ती मेरी भी साफ़ करा दी.

खैर, अब विनय ने उसकी चूत को अच्छे से गीला किया और ऊपर होकर दीपा की टांगें फैलाकर लंड पेल दिया उसकी चूत में.

आज 14 साल बाद दीपा की चूत में लंड जा रहा था.
कितनी प्यासी थी उसकी चूत.
कितनी तड़पी थी वो इस पल के लिए.

दीपा ने इसे नियति मान कर इस पल को जीने का मन बना लिया और वो चुदाई में विनय का साथ देने लगी.

रात को दोनों चिपटे हुए ऐसे ही बिना कपड़ों के सो गये.
सुबह दीपा की आँख खुली.

विनय उसके मम्मे चूस रहा था.
दीपा का भी मूड बन गया.
वो विनय के ऊपर चढ़ बैठी.

इसके बाद दोनों साथ साथ नहाए.
दीपा की बरसों की प्यास आज पूरी हुई थी.

पर पता नहीं क्यों दीपा जब ऊपर फ्लैट में आई तो वो उदास थी.
उसका दिल उसे कचोट रहा था.

पर जल्दी ही उसने अपनी भावनाओं पर काबू किया कि जो कुछ हुआ वो उसकी इच्छा से हुआ.
पर हाँ, अब और नहीं.

आज दिन में विनय कहीं नहीं गया. ब्रेकफ़ास्ट और लंच उसने दीपा के फ्लैट ही लिया.

दोपहर को उसने दीपा को फिर लिपटाया अपने से.
दीपा ने मुस्कुराते हुए उसे होंठों पर चूमा और अलग हो गयी और बोली- रात जो कुछ हुआ, उसके लिए मुझे कोई अफ़सोस नहीं. पर मेरा आपका रिश्ता अब कुछ और है. मैं नहीं चाहती हमारे इस सम्बन्ध का ग्रहण हमारे बच्चों के जीवन पर पड़े. प्लीज़ आप भी इसे भूल जाइयेगा. सिम्मी से आप कुछ मत कहिएगा. मेरा उसका कुछ छिपा नहीं हैं. समय आने पर मैं खुद ही उसे बता दूँगी.

शाम को सिम्मी आ गयी.

दीपा ने अपने फ्लैट में ही उन लोगों का डिनर बना लिया था.
डिनर पर ज्यादा बातें नहीं हुईं.
सिम्मी और विनय नीचे चले गए.

अगले दिन दिन में सिम्मी दीपा के पास आई और इधर उधर की बात करके पूछा- सच्ची बताना, विनय ने कुछ ऐसी वैसी हरकत तो नहीं की, क्योंकि रात को वो बड़ा मूड में था. मेरा मन भी नहीं था, फिर भी जबरदस्ती सेक्स किया.
दीपा हंस पड़ी- आखिर तू बीज बोकर गयी थी तो पेड़ क्यों नहीं उगता.

सिम्मी दीपा से लिपट गयी और उसे चूमते हुए बोली- यार, सेक्स बिना जिया जाता नहीं. अब तू मेरी मान और राजेश से शादी की हाँ कह दे. सब कुछ देखा-भाला है, सब अच्छा है. मैं मान्या और वरुण को बुला लेती हूँ.
दीपा शर्माते हुए हंस पड़ी बोली- अच्छा बाबा, बुला ले.

तो दोस्तो, मानते हैं न आप भी कि सेक्स बिना जिया जाता नहीं.
मेच्योर सेक्स रिलेशन स्टोरी पर अपने विचार जरूर लिखिएगा.
enjoysunny6969@gmail.com

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