स्टाफ गर्ल Xxx कहानी में एक शाम मेरे स्टाफ की एक लड़की मेरे रूम पर आ गयी. उसे बियर पीने की तलब थी. हमने बियर पी और साथ लेट गए नशे में.
मेरा नाम शैलेंद्र है। उम्र 26 साल, एक हैंडसम और गोरा लड़का हूँ।
मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ।
अब मैं सीधे स्टाफ गर्ल Xxx कहानी पर आता हूँ।
मैं नोएडा के एक ऑफिस में काम करता हूँ और वहाँ एचआर एग्जीक्यूटिव (HR Executive) हूँ।
मेरे ऑफिस में कुसुम नाम की एक लड़की भी जॉब करती है, जो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली है।
हमारे ऑफिस में हमेशा हँसी-मजाक चलता रहता है।
हमारा ऑफिस बहुत बड़ा नहीं है, सिर्फ चार लोग ही वहाँ काम करते हैं।
हमारे बॉस ऑफिस आते नहीं हैं इसलिए बस हम चार लोग ही ऑफिस में रहते हैं— मैं, बिजेंद्र, पूजा और कुसुम।
लंच टाइम में मैं, बिजेंद्र और कुसुम साथ में सामने वाले पार्क में घूमने निकल जाते हैं।
मैं चाय और सिगरेट पी लेता था।
हम लोग काफी मौज-मस्ती करते थे।
पूजा हम लोगों से बहुत दूर-दूर रहती थी।
ऑफिस बंद होने पर मैं कुसुम को उसके पीजी (PG) तक छोड़ने जाता था।
रास्ते में हमारी काफी बातें होती थीं।
हम नोएडा की सड़कों पर घूमते-घूमते जाते थे, जिससे अक्सर रात्रि के करीब 10 बज जाते थे।
वह हमारे लिए ऑफिस में खाना भी लेकर आती थी रात में!
कुसुम का एक बॉयफ्रेंड भी था, जो कि मुझे और बिजेंद्र को जानता था।
कुसुम हमें अपना बेस्ट फ्रेंड बताती थी।
मैं कभी-कभी कुसुम से मजाक-मजाक में बोल देता था कि मैं तुम्हें लाइक करता हूँ, तो वह बस हँस कर चली जाती थी।
फिर एक दिन वह लड़की मेरे रूम पर आई और बोली, “सर, बियर पियोगे!”
मैं बोला, “हाँ, हाँ!”
उसने बियर मुझसे मँगाई और हम दोनों ने साथ में बियर पी।
अब हम दोनों साथ में बेड पर लेटे हुए थे।
तभी अचानक मेरा हाथ उसके बूब्स पर जा लगा।
उसने इसका कोई विरोध नहीं किया तो मैंने उसके ऊपर हाथ रखकर उसके बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया।
अब वह उत्तेजित होकर बोली, “सर, दबाओ!”
मैं उन्हें दबाने लगा।
मैं उसकी चूचियों को दबाने और चूसने लगा, जिससे वह और ज्यादा उत्तेजित होने लगी।
मैंने उसकी पैंट और टी-शर्ट उतार दी।
अब वह सिर्फ पैंटी और ब्रा में थी।
मैं पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा।
अब तक उसकी पैंटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
मैंने उसके हाथ ऊपर किए और उसकी बगल (हाथ के नीचे के बाल) को चाटने लगा।
उसे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था।
इसके बाद मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चूत को चाटने लगा।
अब उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगीं, “उह… आह… आह… आह… ओह… ओह… और तेज सर, और तेज!”
मेरा लंड, जो कि काफी लंबा और मोटा है, एकदम तनकर खड़ा था।
मैं उसकी चूत को लगातार चाटे जा रहा था और चूत के मुँह पर जीभ डालकर सहला रहा था।
अब उसने अपना पानी छोड़ दिया, जिसका स्वाद मैंने अपने मुँह में ही लिया; वह काफी अच्छा पानी था।
अब वह मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूस रही थी और मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।
फिर मैंने लंड को उसके मुँह से निकाला और उसकी चूत पर रखकर धक्के मारने लगा।
करीब पंद्रह मिनट तक सीधा चोदने के बाद, मैंने उसे डॉगी स्टाइल में पोजीशन दी और चोदने लगा।
वह सिसकियाँ लेते हुए चिल्लाई, “उह… आह… आह… उह… उह… उह… आह… आह… सर, मेरा निकलने वाला है! उह… उह… आह… आह… आह… ओह… उह… उह… उह… आह… आह… आह… निकल गया सर!”
अब वह फिर से मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी थी।
मेरा भी पानी निकलने ही वाला था इसलिए मैंने उसके मुँह में ही अपना पूरा पानी निकाल दिया।
उसने चाट-चाट कर मेरे लंड को पूरी तरह साफ कर दिया।
थोड़ी देर इंतजार करने के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
अब मैं फिर से उसकी चूत को सहलाने लगा, जिससे उसकी चूत दोबारा गीली होने लगी थी। कुसुम की चूत का पानी मेरे हाथों में लगने लगा था।
वह बोली, “सर, और तेज करो, बहुत मजा आ रहा है!”
मैंने अपने हाथों की स्पीड और तेज कर दी।
अब मैं उसकी गांड को भी सहला रहा था और वह मेरे लंड को सहला रही थी।
मैंने उसके बूब्स चूसना शुरू किया और वह मेरे पूरे लंड को चूसने लगी।
करीब आधा घंटा चूसने के बाद, मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रखा और उसकी चूत पर अपना लंड रखकर तेज झटका मारा।
मेरा पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत में जा चुका था।
अब झटके बहुत तेज हो चुके थे और उसे भी पूरा मजा आने लगा था।
उसके मुँह से लगातार सिसकियाँ निकल रही थीं, “ऊ… ऊ… ऊ… आह… ओह… उह… उह… उह… उह… आह… आह… आह… ओह… ओह… उह… उह… उह… आह!”
कुछ देर बाद उसकी चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया और वह बिल्कुल पानी-पानी हो चुकी थी।
मेरा लंड अभी भी पूरी तरह तनकर खड़ा था।
तब मैं बोला, “कुसुम, पीछे घूम जाओ!”
वह तुरंत पीछे घूम गई।
मैंने उसकी गांड पर अपना लंड रखा और उसकी गांड मारने लगा।
गांड मारने पर मुझे और उसे, दोनों को ही बहुत ज्यादा मजा आने लगा था।
जब मैंने उसकी गांड से थोड़ी देर के लिए लंड निकाला, तो उसकी गांड का छेद खुल गया था।
अब मैं उसकी गांड को बहुत आसानी से मार सकता था, जो कि मैं कर रहा था।
करीब आधे घंटे तक गांड मारने के बाद आखिरकार मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया, जिससे उसकी गांड पूरी तरह मेरे वीर्य से भर गई।
इस तरह से मैंने अपनी जूनियर सहकर्मी लड़की को चोदा.
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