ठोकुरधाम चुदाई महोत्सव- 2 | Thokurdham Chudai Mahotsav - 2

Views: 47 Category: Indian Biwi Ki Chudai By jodhpurguy69 Published: June 07, 2026

TMKUC सेक्स कहानी में सोसाइटी के सारे मर्द एक दूसरे की बीवी की चुदाई करना चाहते थे. सबने मिल कर एक योजना बनाई और डॉ हाथी की मदद से सारी औरतों को गर्म कर दिया.

फ्रेंड्स, बिना किसी भूमिका के मैं आपको इस बहुचर्चित सीरियल को लेकर हाजिर हूँ.
मेरी काल्पनिक सेक्स कहानी का पिछला भाग था:
जेठा भाई की बबीता की चूत चोदने की योजना

अब TMKUC सेक्स कहानी का अगला भाग पेश है.

शनिवार को सोडा शॉप पर सारे ठरकी इकट्ठे हो गए.

डॉक्टर हाथी- ये देखो, ये एक बड़े काम की दवाई है. इसको किसी भी तरह अपनी अपनी बीवियों को दे देना, आज ही, बहुत उत्तेजना होगी … आज रात वे सब तुमसे बहुत मिन्नतें करेंगी कि चोदो मुझे, पर हम सबको अपनी अपनी बीवियों को तड़फाना है, उनकी वासना को भड़काना है और बिल्कुल भी शांत नहीं करना है … चाहो तो दूध चूस कर और गर्म कर देना, अपना लंड चुसवा देना, पर संभोग बिल्कुल भी न करेन. कल तक सभी लेडीज को लंड की आग में तड़पने देना. उनकी raatkibaat को जितना बढ़ा सको, बढ़ाना … पर ठंडी मत करना, फिर देखो कल सब की सब लंड के लिए सारे छेद खोल कर खड़ी मिलेंगी.

‘सुबह तक उनकी आग बुझ गई तो?’
‘तो फिर एक गोली सुबह से दे देना, दिन भर की अगन रात तक और बढ़ जाएगी. फिर देखना रात को सब की अन्दर की रंडी बाहर निकल आएगी.’

जेठालाल- डॉक्टर हाथी, आप तो छुपे रुस्तम निकले, लगता है बहुत सारी नर्सों को अपने लंड के नीचे लिया है. कितनी चुत मारी है आज तक?
डॉक्टर हाथी- जेठा भाई, आपको तो पता है कि मैं खाते वक्त गिनता नहीं, इसीलिए नहीं पता अभी तक कितनी चुत खाई हैं, मुझे खुद याद नहीं है. वैसे भी रस मलाई और चुत की मलाई खाने का मजा तभी है, जब वह पूरी तरह गर्म हो और रस से भरी हो!

सब एक साथ कहने लगे- क्या बात है हाथी भाई!

सोढ़ी- ओ यारो, मैं क्या कहता हूँ … बापू जी भी नहीं है, शवाब भी है, अब्दुल का सोडा भी है तो क्यों ना कल दारू-शारू भी रख लें … क्या है ना कि उससे न.शा दुगुना हो जाएगा.
सब एक साथ बोले- हां मस्त प्लान है, कल दारू भी रखते हैं.

जेठालाल मन ही मन में कह रहा था- बबीता जी के दूध पर दारू डालकर पियूँगा, बबीता जी की चुत से पियूँगा, ऐसा नशा होगा … जो जिंदगी भर नहीं उतरेगा!

भिड़े- तो मैं आत्मा राम तुकाराम भिड़े, गोकुलधाम का एकमेव सेक्रेटरी, ये घोषणा करता हूँ कि कल क्लब हाउस में हम सब रेव पार्टी करेंगे, शराब और शवाब दोनों का लुत्फ उठाएंगे … और सबसे जरूरी बात कि आज रात को अपनी अपनी बीवियों को नहीं चोदेंगे, नहीं चोदेंगे, बिल्कुल भी नहीं चोदेंगे … अपने आप पर कंट्रोल करेंगे.

रात को सबने अपनी अपनी पत्नियों को किसी न किसी बहाने से दवाई खिला दी.

पहले अय्यर का घर:

बबीता जी- अय्यर, मुझे बहुत चुदास चढ़ रही है, प्लीज मुझे चोदो न! देखो मेरा पूरा शरीर लाल हो रहा है, मन कर रहा है तुम्हारा ये काला लंड चूस लूं!

ऐसा कह कर बबीता जी अय्यर की लुंगी में ही घुस गई और अय्यर का लंड चूसने लगी.
वह बीच बीच में लंड को अपने टॉप में नीचे से डालती और उसे ऊपर अपने दोनों मम्मों के बीच में निकाल कर जीभ की नोक से लौड़े के सुपारे को चूसने लगती.

उसके गोरे बड़े और रसभरे मम्मों के बीच एकदम काला लंड मस्ती से बार बार बबीताजी के रसीले होंठों का प्यार पाकर वापस से उनकी दूधिया खाई में खो जाता.

फिर अगले ही पल उछल कर बबीता जी के होंठों का रसपान करने लगता.

अय्यर अपना कंट्रोल खो रहा था.
पर तभी उसे भिड़े की बात याद आई और वह कुछ अर्जेंट काम का बोल कर दूसरे कमरे में लैपटॉप लेकर बैठ गया.
अब उसे काम तो कुछ था नहीं … और गर्म भी हुआ था, तो पॉर्न देखने लगा था.

बबीता जी मन मसोस कर अय्यर को बंगाली में गालियां देती हुई सोने की कोशिश करने में लग गई.
पर चुदास के चलते वह रात भर करवट बदलती रही.

उधर अय्यर भी पॉर्न देख कर मुठ मार कर ड्रॉइंग रूम में ही सो गया.

सुबह बबीता ने अय्यर का लंड चूस कर उसे जगाया ताकि अय्यर उसकी चुदाई करने लगे.
पर अय्यर को प्लानिंग पर काम करना था तो उसने फिर से कुछ बहाना बना दिया और टहलने के बहाने से घर से निकल गया.

डॉक्टर हाथी का घर का दृश्य:

डॉक्टर हाथी- कोमल, खाना तो बहुत टेस्टी था, पर खाने के बाद कुछ मीठा नहीं है क्या?

कोमल अपने बड़े बड़े मम्मों पर ढेर सारी चॉकलेट लगा कर आ गई- मेरे हंस, आज मीठे में मैं हूँ, खा लो मुझे, मेरे ये दोनों दूध और उन पर लगी चॉकलेट को चाट कर खा लो, आज मैं भी तुम्हारा लंड चॉकलेट लगा कर चूसूँगी … मेरी चुत भभक रही है और इस पर चुदास बहुत ज्यादा चढ़ रही है. गोली भी टप्पू सेना के साथ गया है, घर पर भी कोई नहीं है, मुझे आज जी भर कर चोदो न मेरे हंस!

डॉक्टर हाथी को पता था कि यह सब उसकी दवाई का असर है.
हालांकि कोमल के चॉकलेट लगे मम्मे देख कर उसका भी मन डोल रहा था पर डॉक्टर हाथी भी दिन में अपनी दो नर्सों की चुत चोद चुका था इसी वजह से उसने कोमल के तने हुए मम्मे भी देख कर खुद पर कंट्रोल कर लिया … पर उसे चॉकलेट तो खानी ही थी.

डॉक्टर हाथी से रहा न गया और वह एकदम से कोमल के मम्मों पर टूट पड़ा.
इससे कोमल की चुदास और ज्यादा बढ़ गई और वह जोर जोर से चिल्लाने लगी.
वह जल्दी से डॉक्टर हाथी के लंड पर चॉकलेट लगा कर उसे चूसने लगी.

अभी कुछ आगे बढ़ता कि इससे पहले डॉक्टर हाथी ने अपने आप पर कंट्रोल कर लिया और ‘इमर्जेंसी में अस्पताल जाना है’ बोल कर निकल गया.

उसने अस्पताल पहुंच कर नाइट ड्यूटी वाली नर्स को अपने केबिन में लिटाया और उसके ऊपर चढ़ कर उसकी चुत खूब तबीयत से बजाई.
उधर कोमल भाभी घर पर तड़प कर रह गई.

दोस्तो, यहां तीसरा एपिसोड खत्म हुआ. बस यह है कि एपिसोड में अंत में तारक आ गया और अब आप बताएं कि आपको क्या लगता है कि डॉक्टर हाथी और अय्यर की तरह बाकी मर्द भी अपने लौड़े पर कंट्रोल कर पाएंगे?
क्या मैं अपनी सेक्सी अंजली को चोदे बिना रह पाऊंगा?
रोशन सिंह की तपस्या तोड़ने को रोशन भाभी क्या क्या करती है, जानने के लिए अगले एपिसोड को पढ़ कर मजा लीजिए और अपना सामान हिलाते रहिए.

अगले एपिसोड में आप जेठालाल का घर देखिए.

जेठालाल खुद उत्तेजना की आग में जल रहा था.

एक तो घर पर दया भाभी नहीं है, ऊपर से कल मिलने वाली बबीता जी की चुत के बारे में सोच कर ही उसका लंड खड़ा हो रहा था.
वैसे भी जब बबीता जी ने लॉटरी में कार जीती थी और बबीता जी ने जेठालाल को गले लगाया था, तब बबीता जी के उन बड़े बड़े मम्मों का स्पर्श जेठालाल के लौड़े को आज भी फनफनाने पर मजबूर कर रहा था.

जेठालाल मन ही मन में बुदबुदा रहा था कि कल बबीता जी को हचक कर चोदूँगा. उसके मम्मे चूस चूस कर लाल कर दूंगा … और गांड तो पक्का मारूँगा, बबीता जी इतनी गोरी है कि उसकी चुत तो एकदम लाल होगी, लाल नहीं तो पिंक तो जरूर होगी, दया की तरह काला भोसड़ा तो पक्का नहीं होगा … पहली बार मेरी किस्मत मेरा साथ दे रही है. एक काम करता हूँ आज बबीता जी के लिए अपना लंड एकदम साफ कर लेता हूँ, उसको सफाई बहुत पसंद है. लौड़े पर झांट का एक भी बाल नहीं मिलना चाहिए. वैसे तो वह रोज तो अय्यर का काला लंड लेती ही है, कल मेरा गोरा लंड बबीता जी के मम्मों के बीच कैसा लगेगा. कंडोम ले कर रख लेता हूँ. कौन सा फ्लेवर ले लूं … चॉकलट, मैंगो .. नहीं नहीं सारे ही मंगवा लेता हूँ, जो भी बबीता जी को पसंद होगा, वह काम में ले लूंगा .. और अगर बबीता जी को कंडोम पसंद नहीं होगा, तो बिना कंडोम के ही चुदाई कर दूंगा. वैसे भी अय्यर ने तो अभी तक बच्चा पैदा किया नहीं .. तो एक और टप्पू सही!

इसी उत्तेजना में जेठालाल ने बबीता जी की फ़ोटोज़ देखना शुरू कर दिया और देखते देखते मुठ मारने लगा.

अब सोढ़ी का घर देखते हैं.

मिसेज रोशन- रोशन डार्लिंग, आज गोगी पुत्तर भी नहीं है … चलो न आज प्लान बनाते है चुदाई का … उस दिन तो गोगी पुत्तर ने मुझे चुदते हुए देख लिया था, पर आज तो तेरे इस पंजाबी लौड़े पर खूब सवारी करूंगी. तेरे लिए घोड़ी भी बनूँगी, तू चाहे तो मेरी गांड भी मार लेना, पर तुस्सी अभी मैनू चोद दयो मेरी जान … तेरी रोशन तैनू बुला रही है!
रोशन सिंह- ओए डार्लिंग, आज न गराज विच बहुत काम था .. अज मैं थक गया सी … अज सोण दे, कल सुबह पक्का तुझे घोड़ी बणा कर लौड़े पर बैठाऊंगा!

मिसेज रोशन- रोशन, मुझे बहुत मन कर रहा है, प्लीज देख न, तेरी जान की फुद्दी तेरे लन दा इंतज़ार कर रही है … देख आज ही आज एकदम क्लीन की है तेरे लिए, तुझे चिकनी फुद्दी पसंद है ना, चूस ले, चूम ले, चोद ले, आज सबकी छूट है!
रोशन सिंह- ओ सोनियो … प्लीज आज नहीं … आज थक गया हूँ, कल पक्का!

मिसेज रोशन मन ही मन में- ये एंवें नहीं मानेगा, अभी इसका मूड बनाती हूँ.
वह किचन में गई, एक पटियाला पैग लेकर आई.

फिर उसने एकदम छोटी सी नाइटी डाली और पैग से एक सिप लेकर बाहर आ गई. वह रोशन सिंह को किस करने लगी.
किस करती हुई वह सोढ़ी को अपने मुँह से ही दारू पिलाने लगी.

पर रोशन सिंह भी कच्चा खिलाड़ी नहीं था, वह मिशेज रोशन को किस करना लगा, उसका दूध चूसने लगा और चुत में उंगली करने लगा, पर चरम सीमा से पहले ही न.शे का नाटक करके सो गया.
उसने मिसेज रोशन को अधूरी छोड़ दिया था, वह बेचारी रोशन को मां बहन की गालियां देती हुई सो गई.

ऐसा ही कुछ भिड़े के घर पर हुआ, माधवी को गर्म करके भिड़े सो गया.

सुबह सबके पतियों ने किसी प्रकार दूध, चाय जूस आदि में मिला कर डॉक्टर हाथी वाली दवाई खिला दी और काम पर निकल गए.
वैसे तो आज संडे था, पर सब कुछ न कुछ बहाना बना कर घर से निकल गए.

आज सारी लेडीज ने सब्जी वाली से खीरे लिए और दिन में अपने आप को शांत किया.
पर लंड की भूख तो लंड ही बुझा सकता है … कोई खीरा क्या आग बुझाएगा!

दिन में जेठालाल ने अपनी पुरुष मंडली में एक से एक मस्त रंडियों की फ़ोटोज़ शेयर कीं, उन फ़ोटोज़ को देख कर ही सबका लंड खड़ा हो गया.
उसमें से 3 रंडियों को सिलेक्ट करके पूरी रात के लिए बुक कर लिया गया.

फिर जेठालाल ने सबको अपने गोडाउन पर बुला लिया ताकि तय हो सके कि कौन किसको चोदेगा!

जेठालाल ने मेहता साब को काल किया- मेहता साब, सबको दोपहर को 12 बजे बुलाया है गोडाउन में, आप पहले ही आ जाना … और कोई उपाय सोचना जिससे मेरे हाथ बबीता जी आ जाए!
तारक- डॉन्ट वरी जेठालाल, मैंने उसका उपाय सोच लिया है. मैं दुकान आकर बताता हूँ. सब 12 बजे आएंगे, मैं एक घंटा पहले ही आ जाता हूँ.

यहां चौथा एपिसोड खत्म, एपिसोड में अंत में तारक आ गया था.

मेरे कंधों पर जेठालाल और बबीता जी का मिलन करने की जिम्मेदारी आ गई थी.
अय्यर को कैसे मैनेज करेंगे, कुछ तो सोचना होगा मुझे, जेठालाल मेरा परम मित्र है, उसके लिए मैं कुछ तो करूंगा ही.

पर उसमें मेरा क्या फायदा होगा, वह जानने के लिए TMKUC सेक्स कहानी का अगला एपिसोड पढ़ें.

आप अपने ईमेल जरूर भेजें.
jodhpurguy69@gmail.com

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