सेक्स की भूख- 2

Views: 51 Category: Koi Mil Gaya By enjoysunny6969 Published: May 19, 2026

सेक्स ट्रिप विद वाइफ फ्रेंड का इंतजाम बीवी ने ही अपने पति के लिये किया. उसने अपनी सहेली को पति के लंड को मजा देने के लिए विदेश के टूर पर भेजा.

कहानी के पहले भाग
ठंडी बीवी के पति की व्यथा
में आपने पढ़ा कि सुखी जीवन जी रहे पति पत्नी के बीच सेक्स को लेकर तनाव हो गया. पति हर रोज सेक्स माँगता था पर पत्नी को अब सेक्स में रूचि नहीं थी. पत्नी ने अपनी अधीनस्थ कर्मचारी लड़की को अपने पति के साथ सेक्स के लिए तैयार किया.

अब आगे सेक्स ट्रिप विद वाइफ फ्रेंड:

अगली सुबह संजीव नार्मल होने की कोशिश में उसको किस करना चाहता था.
पर नूतन ने अनदेखा कर दिया और जल्दी से तैयार होने वाशरूम में घुस गयी.

ऑफिस जाते जाते वो संजीव से बोली- रात को जल्दी आ जाना, मैंने डिनर पर रोजी को बुलाया है.
संजीव बोला- मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है तुम्हारी सहेली क्या … किसी भी लड़की में.
नूतन बोली- कोई बात नहीं, तुम चाहो तो डिनर साथ कर लेना. आगे जैसा तुम चाहो, मैं कभी नहीं पूछूंगी.

दिन में संजीव बहुत डिस्टर्ब रहा.
कम्पनी से मेल आया था कि वो अपना और अपने पार्टनर की डिटेल भेजे ताकि बुकिंग हो सके.

संजीव बुझे मन से रात को घर पहुंचा.
वो तो रोजी की बात भूल चुका था.

अंदर ड्राइंग रूम में नूतन के साथ रोजी बैठी थी.
दोनों ड्रिंक ले रही थीं.

रोजी ने शोर्ट स्कर्ट और टाइट टॉप पहना था.
उसकी गोरी चमड़ी दमक रही थी.

रोजी ने मुस्कुरा कर संजीव का अभिवादन किया.
संजीव की तो बोलती बंद थी.

नूतन ने उससे कहा कि वो चाहे तो चेंज कर ले फिर उन्हें ज्वाइन करे.
संजीव फटाफट चेंज करके फ्रेश होकर आ गया.

रोजी उसके सामने बैठी थी और नूतन बगल में.

नूतन ने आहिस्ता से उससे पूछा- कैसी लगी मेरी सहेली?
संजीव मुस्कुरा दिया.

नूतन किचन में जानते हुए रोजी से कह गयी- मैं डिनर लगाती हूँ, तुम संजीव का ड्रिंक बना कर इसे कंपनी दो.

रोजी ने संजीव का ड्रिंक बनाया और दोनों बाहर बाहर बालकनी में आ गये.
रोजी में एक सेक्स अपील थी जिसे संजीव नजरअंदाज नहीं कर सकता था.

इधर उधर की बातों में रोजी ने संजीव की निगाहें अपने गहरे क्लीवेज से हटने नहीं दीं.

संजीव को यह अहसास हो गया कि अगर ये तैयार हो जाए तो मालदीव्स में अच्छा समय गुजरेगा उसके साथ.
पर सेक्स किसी और के साथ …?!
संजीव अभी तक मन नहीं बना पाया था.

उलझन भरे संजीव ने जेब से सिगरेट की डिब्बी निकाली तो रोजी ने उसके हाथ से सिगरेट लेकर सुलगा कर एक लंबा कश खींच कर उसे सिगरेट वापिस लौटा दी.
संजीव तो नूतन से सिगरेट पीने को कहता रह गया था, पर नूतन ने कभी नहीं पी.

नूतन ने डिनर लगा लिया.
तीनों ने हल्के फुल्के मजाक के साथ डिनर निबटाया.

रात के दस बज चुके थे.
रोजी ने जाने को कहा.
वो कैब बुला रही थी.

नूतन संजीव से बोली- तुम इसे छोड़ आओ, मैं किचन साफ़ कर लेती हूँ. तुम गेट की चाभी लेते जाना, मुझे नींद आ रही है तो मुझे उठाना नहीं.
फिर उसने फुसफुसाते हुए धीरे से संजीव से कहा- चाहो तो इसके पास ही रुक जाना.

उसने चलते हुए रोजी को हग किया और आँख मारी.
जिसे संजीव ने भी देख लिया.

कार में बैठते ही संजीव ने रोजी से पूछकर सिगरेट जलाई.
तो रोजी ने भी उससे सिगरेट मांग ली और सुलगा ली.

रोजी उससे बहुत बेतकल्लुफ़ थी.
संजीव ने उसके पति से उसके तलाक की बात पर दुःख व्यक्त किया तो वो बहुत बेबाकी से बोली- जिसके साथ रहने का दिल न करे उससे दूर जाना ही बेहतर है. सेक्स भीख मांग कर नहीं दिल खोलकर किया जाए, तभी मज़ा आता है.

रोजी ने कन्फेस किया कि वो बेड पर अकेला महसूस करती है.
उसकी बेबाकी से कही बात से संजीव चौंका.

उसे उसके फ्लैट पर छोड़ कर संजीव वापिस चला तो रोजी उससे जिद करने लगी- एक बार ऊपर आइये. आप पहली बार आये हैं तो एक कॉफ़ी हो जाए. मैडम तो वैसे भी सो चुकी होंगी.

संजीव न चाहते हुए भी उसके साथ चल दिया.
रोजी ने उसका हाथ थाम लिया था.

ऊपर फ्लैट बहुत करीने से सजा था.

रोजी ने पूछा- कॉफ़ी लेंगे या हार्ड ड्रिंक या कुछ और?

संजीव मन ही मन बहुत बेचैन था.
आज जिन्दगी में पहली बार किसी लड़की को देख कर उसका लंड तना था.
उसे लग रहा था कि अगर वो कुछ देर और रुका तो कहीं उसका सब्र का बाँध टूट न जाए.

उसने वापिस जाने की जिद की.
रोजी ने उसका नम्बर लिया और अपना नम्बर उसे दिया.

चलते चलते रोजी ने उससे कहा- आपको थैंक्स देना है कि आप मुझे छोड़ने आये. अगर बुरा न मानें तो गले लग कर दे दूं.
कहकर उसने बाहें फैलायीं.

संजीव भी क्या करता.

रोजी उसके गले लगी और उसे चूम कर थैंक्स बोली.
अपनी छाती पर उसके मांसल मम्मों का दबाव और गाल पर उसके होंठों में गर्मी संजीव ने महसूस की.

रोजी ने कसमसाते हुए उससे कहा- मैडम चाहती हैं कि मैं मालदीव्स आपके साथ चलूँ, क्या आप ले चलेंगे मुझे?
संजीव ने मुस्कुरा कर हाँ कह दिया.

तो रोजी फिर एक बार उससे लिपट गयी और बोली- मैं पूरी कोशिश करुँगी कि आप इस ट्रिप को पूरा एंजौय करें.

संजीव ने मुस्कुराते हुए उसे चूमा.
तो रोजी ने मुंह घुमा कर उसके होंठों से होंठ मिला दिए.

संजीव के न चाहते हुए भी दोनों का किस लम्बी देर तक चला.
अब संजीव का तना हुआ लंड रोजी की ड्रेस पर दस्तक दे रहा था.

रोजी को अहसास था इसका.
पर संजीव की ओर से कोई पहल न देख कर वो भी आगे नहीं बढ़ी.
संजीव वापिस घर आ गया.

नूतन सो रही थी या सोने का नाटक कर रही थी.
संजीव उसके बगल में लेट गया.

नूतन उससे लिपट गयी और बोली- कैसी लगी, है न हॉट?
संजीव चुप रहा.

नूतन ने उसका तना हुआ लंड पकड़ कर कहा- ये बता रहा है वो तुम्हें कितनी हॉट लगी.
संजीव बोला- ये तो तुम्हारे पास होने पर हमेशा तन जाता है. मैं सेक्स किसी और के साथ? मुझसे नहीं होगा.
नूतन बोली- मत करना सेक्स, साथ ले जाओ, तुम्हारा समय अच्छा बीतेगा.

अगले दिन नूतन ने संजीव को रोजी के डाक्यूमेंट्स भेज दिए.

दिन में रोजी का फोन भी आया संजीव के पास.
बहुत देर बात की दोनों ने.

अब संजीव को भी रोजी अच्छी लगने लगी.
ट्रिप में एक दिक्कत थी.
कम्पनी संजीव को एक डबल रूम ही दे रही थी.
संजीव ने ये परेशानी नूतन से कही.
नूतन बोली- कोई बात नहीं, रोजी होटल में मैनेज कर लेगी कि बेड सिंगल सिंगल दो मिल जाएँ.

रात को बेड पर संजीव ने नूतन के नजदीक जाने की कोशिश की तो नूतन ने ‘नींद आ रही है’ कहकर टाल दिया.
उसका मकसद पूरा हो गया था.
उसे तो संजीव की रोज रोज की सेक्स की डिमांड से बचना था.
उसने बड़ी मुश्कित और लालच देकर रोजी को तैयार किया था.
उसने उसे टारगेट दिया था कि अगर वो संजीव के साथ सेक्स में कामयाब हो गयी तो उसके वापिस आने पर उसका प्रमोशन पक्का.

शायद नूतन उन लाखों महिलाओं में से एक होगी जो अपने पति को उसकी इच्छा के विरुद्ध भी एक पर स्त्री से सम्बन्ध बनाने को जोर दे रही थी.
नूतन चाहती तो ये थी कि संजीव और रोजी उसके सामने ही सेक्स करें, पर शायद इसके लिए अभी समय नहीं आया था.

अगले हफ्ते संजीव और रोजी का जाने का प्रोग्राम था.
नूतन ने रोजी से मन भर कर सेक्सी ड्रेस लेने को कह दिया था और साथ ही किसी डॉक्टर से कॉपर टी लगवाने की राय भी दे दी थी.

जाने से एक दो रात पहले जब फिर संजीव नूतन के नजदीक आने की कोशिश कर रहा था तो नूतन ने मुंह बिगाड़ के कह दिया- मुझसे तो तुम सेक्स की उम्मीद मत करो. मेरा आप्शन रोजी है जो शायद तुम्हें सेक्स को मना न करे क्योंकि तुम्हारी तरह उसे भी सेक्स की भूख है. या फिर तुम बाहर कहीं करना चाहो, तो मुझे कोई ऐतराज नहीं.

बड़ी दो टूक बात थी.
संजीव चुप रहा.
बड़े बेमन से उसने अपना ट्रिप बनाया.

वो रोजी को एक दोस्त की तरह ही देख रहा था अब तक.

खैर, रोजी और संजीव फ्लाइट पकड़ कर मालदीव्स पहुँच गये और वहां से मोटर बोट से अपने रिसोर्ट.

रोजी बहुत खुश थी.
वो बिल्कुल माशूका की तरह बिहेव कर रही थी.
उसने फ्लाइट में संजीव को बहुत समझाया कि उसे अच्छे से मालूम है कि सेक्स को लेकर उसके और नूतन के बीच तनाव है. नूतन के लिए करियर सबसे पहले है. मैं भी सेक्स बहुत पसंद करती थी. पर मेरी जिन्दगी ने मुझसे सारी खुशियाँ छीन लीं. मैं अब इस एक हफ्ते बहुत खुश रहना और आपको खुश रखना चाहती हूँ.

संजीव कुछ न बोला, बस रोजी का हाथ थामे रहा.
उसने धीरे से कहा कि वो कोशिश करेगा कि इस ट्रिप को वो और रोजी बहुत एन्जॉय करें.

पर उसने एक शर्त लगाई रोजी से कि इस मिनट के बाद और वापिस इंडिया आने तक रोजी नूतन से कोई बात नहीं करे. और इसमें पूरी इमानदारी होनी चाहिए.

रोजी ने एक मिनट सोचा फिर अपना मोबाइल निकालकर उसका स्विच ऑफ़ कर दिया और बोली- अब ये दिल्ली जाकर ही ओन होगा.
संजीव मुस्कुरा दिया.

फ्लाइट में रोजी उसके कंधे पर सर रख कर सो गयी.
मोटर बोट में रोजी संजीव की गोदी में बैठ गयी और उसे रास्ते भर चूमती रही.
संजीव भी अब उसका साथ दे रहा था.

रोजी ने उसे कान पर चूमते हुए कहा- एक हफ्ते के लिए ‘आप क्या थे’ ये भूल जाइए. बस आप मेरे महबूब और मैं आपकी महबूबा हूँ, ये याद रखिये.

रिसोर्ट पर पहुँच कर वहां के मेनेजर ने उनका स्वागत मिस्टर एंड मिसेज अरोरा कह कर किया.
सुन कर रोजी ने संजीव का हाथ दबाया और उससे लिपट कर चलने लगी.

रिसोर्ट मेनेजर बैटरी की बग्गी से उन्हें उनके कॉटेज तक छोड़ने आया.
उनका सामान पहले से ही कॉटेज के अंदर रखा हुआ था.

संजीव और रोजी कोटेज में दाखिल हुए.
कॉटेज बहुत सुंदर और रोमांटिक था.
सब कुछ निजी था वहां.

रोजी तो ख़ुशी से लिपट गयी संजीव से और लगी ताबड़ तोड़ चूमने.

अब संजीव भी मन बना चुका था इस हफ्ते को पूरी तरह से जीने का बिना ये सोचे कि वो एक विवाहित है और उसकी पत्नी नूतन है.
आखिर ये सब जो हो रहा है, रोजी जो कुछ कर रही है, वह सब हो तो नूतन के इशारे पर ही है.

अब नूतन एसा क्यों कर रही है, ये वो जाने.

तभी नूतन का व्हाटसप्प कॉल आया.
संजीव ने नहीं उठाया बल्कि उसने नूतन को मेसेज कर दिया कि वो ठीक से पहुँच गए हैं और वो उसकी बिल्कुल चिंता न करे.

मुस्कुराते हुए संजीव ने रोजी को गोदी में उठा लिया और आहिस्ता से बेड पर लिटा दिया.
रोजी ने संजीव की बाहें पकड़ कर उसे खींच लिया.
संजीव भी बेड पर उसके बगल आ गिरा.

अब दोनों के होंठ मिल गये.
इस बार पहल भले ही रोजी ने की थी, पर गर्मजोशी से जवाब संजीव दे रहा था.

संजीव के हाथ अब रोजी के मम्मों पर मचल रहे थे.
रोजी ने खुद ही अपना टॉप ऊपर कर दिया.

संजीव ने ब्रा में बंद दोनों कबूतरों को पहले तो ऊपर से मसला फिर ब्रा से ऊपर खींच लिया और लगा निप्पल चूसने.
रोजी कसमसाने लगी.

उसे भी इतने दिनों बाद एक मर्द का साथ मिला था.
संजीव तो अब बेचैन हो चुका था रोजी को नंगी करने में.

रोजी को उसे तड़फाने में मजा आ रहा था.
उसने अपने को संजीव से छुड़ाया औएर फ्रिज खोलकर दो केन बीयर की निकालीं और संजीव का हाथ पकड़ कर कॉटेज के पिछवाड़े की ओर ले चली जहां खुला समुद्र हिलोरें मार रहा था और एक छोटा सा निजी स्विमिंग पूल उनका इंतज़ार कर रहा था.

रोजी ने अपनी ड्रेस उतार दी.
उसके चेहरे पर एक शैतानी भरी मुस्कान थी.
उसने अपनी बियर की केन से एक लंबा घूँट लिया और स्विमिंग पूल में उतर गयी.
अब संजीव ने भी फटाफट अपने कपड़े उतारे और वहीं रखा स्विमिंग कोसटुम पहन कर वो भी पूल में उतर आया.

मौसम खुशगवार था.
रोजी संजीव के होंठों से चिपक गयी.
संजीव ने उसे कस के अपने से भींच लिया.
रोजी भी उससे एसे लिपट गयी मानो उसकी मौन स्वीकृति हो अब सब कुछ कर गुजरने की.

संजीव ने उसकी ब्रा खोल दी.
रोजी ने पहले तो अपने हाथ से ब्रा को गिरने से रोका, फिर संजीव की आँखों में झांकते हुए धीरे से अपने हाथ हटा दिए.

ब्रा के नीचे गिरते ही उसके दोनों मांसल मम्मे उछल कर बाहर आ गये.
संजीव की तो लार टपक गयी.
गोरे और मांसल मम्मे, वो भी खुद ब खुद उसके पास, नूतन की तरह न कोई खुशामद न नखरे.

संजीव ने आगे बढ़कर उन्हें एक एक करके चूमना शुरू किया और होंठों और जीभ से उन्हें दबाने लगा.
रोजी की आह निकल गयी.
उसने भी नीच हाथ करके संजीव का लंड ऊपर से ही पकड़ लिया और लगी मसलने.

मसलते मसलते उसने एक हाथ अंदर कर दिया.
अब उसके हाथ में एक मजबूत लंड था.
रोजी सिहरी और फिर उसने संजीव से आँख से आँख मिलाते हुए उसका लंड शॉर्ट्स से बाहर निकाल लिया.

संजीव पूल की सीढ़ियों पर बैठ गया तो रोजी ने उसके लंड को चूमते हुए चूसना शुरू कर दिया.

अब दोनों के जिस्म एक होने को तड़प उठे थे.
संजीव ने रोजी का हाथ पकड़ कर उसे पूल से बाहर निकाला और शावर लेकर दोनों टॉवेल में लिपटे लिपटे बेड पर आ गए.

सेक्स ट्रिप विद वाइफ फ्रेंड स्टोरी में मजा आ रहा है ना आपको?
enjoysunny6969@gmail.com

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