पापा ने बेटे की सीलपैक गांड चोदी

Views: 10 Category: Gay Sex Stories By jashanyadav04 Published: July 23, 2026

फादर सन गे स्टोरी में मुझे मेरे पापा बहुत पसंद हैं, गोरे चिट्टे. मुझे गे सेक्स में रूचि है तो मैं पापा का गोरा लंड देखा करता था. एक रात सोते हुए मैंने पापा का लंड पकड़ लिया.

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम आरव है.
मैं 19 साल का हूँ.
मेरा रंग एकदम दूध सा गोरा है और हाइट 5 फीट 8 इंच है.

यह सेक्स कहानी तब की है, जब मैं 12वीं क्लास में पढ़ता था और 18 साल का था.
उस समय मैंने अपने पापा से अपनी गांड मरवा ली थी.
आज उसी फादर सन गे स्टोरी को लिख रहा हूँ.

आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने पापा के बारे में बता देता हूँ.
मेरे पापा एक डॉक्टर हैं और 48 साल के हैं लेकिन वे लगते 40 के ही हैं क्योंकि वे रेगुलर जिम जाते हैं.
पापा का रंग भी गोरा है और उनके निपल्स पिंक कलर के हैं. उनका लंड 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

पापा का लंड एकदम गोरा है और सुपारा गुलाबी है.
अगर एक बार कोई लड़का या लड़की पापा का लंड देख ले तो मेरी गारंटी है वह लौड़े को देखता ही रह जाए.

पापा को लंड को साफ रखना बहुत पसंद है. वे कभी भी अपने लंड के आस-पास एक भी बाल नहीं होने देते.

अब मैं आपको अपनी गे सेक्स कहानी बता रहा हूँ. उस उस वक्त की घटना जब मैं कुंवारा था और चढ़ती जवानी की उम्र के चलते मैंने गे पोर्न साइट्स तथा अन्तर्वासना से काफी कुछ ज्ञान प्राप्त कर लिया था.

मैं पापा के पास रह कर ही पढ़ता था.
पापा ही मुझे पढ़ाते थे.

मैं पापा की तरफ बहुत आकर्षित था.
घर पर सिर्फ हम दोनों ही रहते थे.
मेरी मम्मी मुंबई में रहती हैं.

मैं स्कूल से आकर सो जाता, जब 4:00 बजे पापा आते, तब मैं पढ़ने बैठता.

अपनी क्लास में रिप्रोडक्शन चैप्टर से मैं भी अछूता नहीं रह सका था.
मेरे स्कूल में जब यह चैप्टर पढ़ाया गया तो मैंने आइडिया लगाया कि क्यों ना पापा को इसी चैप्टर के जरिए सैट किया जाए.

मैंने शाम को पापा से वही चैप्टर पढ़ाने को बोला.
मैं और पापा बहुत क्लोज़ हैं.
उन्होंने कभी भी मुझे नहीं डांटा.

पापा ने सहज भाव से उस चैप्टर को मुझे पढ़ाना शुरू कर दिया.
मैं जानबूझ कर उन सवालों को पूछता, जिनसे सेक्स भड़कने की उम्मीद होती थी.

पापा इधर-उधर करके सब समझा देते.
उसी वजह से मेरा प्लान सफल नहीं हो सका.

रात में मैं और पापा एक साथ ही सोते थे.

दो दिन बाद रात को सोते समय मेरे हाथ को कुछ लगा.
मैंने फोन की लाइट ऑन करके देखा तो मैं हैरान रह गया.
पापा का लंड पूरा खड़ा था और अंडरवियर से आधा बाहर आ रहा था.
पर मैं मजबूर था, चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता था.

यह तो वही बात थी कि भूखे के सामने खाना पड़ा हो और वह खा ही ना पाए.

अगले दिन मैंने अन्तर्वासना पर फादर एंड सन सेक्स स्टोरी पढ़ी और कुछ आइडिया लिया.

शाम को मैंने अपने एक फ्रेंड की हेल्प से सेक्स की दो गोलियां ले लीं और रात में पापा को दूध में मिलाकर दे दीं.
अब मैं दवा का असर होने का इंतजार करने लगा.

रात के तकरीबन 11 बजे थे.
एक घंटा हो चुका था. पापा सो चुके थे.

तभी मैंने फोन की लाइट ऑन करके देखा तो मेरा प्लान सफल था … पापा का लंड खड़ा था.
मैंने हिम्मत करके उनके लंड को अंडरवियर से आज़ाद कर दिया.
उनका लंड एक टावर की तरह बिल्कुल सीधा खड़ा हो गया था और सलामी दे रहा था.

मुझे यकीन था कि पापा जितने मेरे क्लोज़ हैं, वो मुझे कुछ नहीं बोलेंगे.
अगर बोला भी तो सिर्फ डांटेंगे ही.

मैंने पापा का लंड मुँह में ले लिया और उनके लौड़े पर जीभ फेरना शुरू कर दिया.
मैं मस्ती से अपने पापा का लंड चूसने लगा.

उनका लंड इतना मोटा था कि अच्छे से मुँह में भी नहीं आ रहा था.

दस मिनट यह सब चलता रहा.
तभी पापा उठ गए और हड़बड़ा गए.

पापा- यह क्या कर रहे हो? पागल हो क्या? शर्म करो. गंदा होता है यह!
पापा जब ज़ोर से बोले, तो मेरी गांड फट गई.

मैं- सॉरी पापा, पर मुझे यह बहुत पसंद है. मैं रोज़ देखता हूँ कि आपका यह अंडरवियर से आधा बाहर आ रहा होता है. मुझे देखकर दिल करता है कि इसे पकड़ लूँ!
पापा- दिमाग़ खराब हो गया है तुम्हारा … ऐसा भी कोई करता है? यह क्या कर रहे हो और कहां से सीख रहे हो यह सब?

मैं- पापा, मैंने पोर्न वीडियोज़ में देखा है. उसमें एक लड़का इसे मुँह में लेकर चूस रहा था.
वे चुप होकर मेरी तरफ देखने लगे.

उन्होंने कुछ नहीं कहा, तो मैंने हिम्मत करके उनके लंड को वापस मुँह में ले लिया और इस बार तो सीधा गले तक निगल लिया.
पापा के मुँह से आह निकल गई.

उन्होंने मेरे सर पर हाथ फेरा और अपना लंड बाहर निकाल लिया.

मैं पापा से रिक्वेस्ट करने लगा.
पापा का लंड अभी भी मेरे हाथ में था.

पापा एकदम कन्फ्यूज़ लग रहे थे- अरे बेटा, तुम्हें मैं कैसे समझाऊं? जो तुम लॉलीपॉप की तरह चूस रहे हो, उससे ही हम मर्द म्यूटेट होते हैं … और मैंने तो हफ्ते भर से इसकी सफाई भी नहीं की है!

सच में पापा के लंड की स्किन के नीचे व्हाइट-व्हाइट माल जमा हुआ था.
पर मुझे वह मलाई भी स्वादिष्ट लग रही थी.

मैंने जीभ की नोक से उस मलाई को चाटकर साफ कर दिया.

मैं- लो पापा, मैंने चाट ली और सब साफ कर दिया. प्लीज पापा, बस एक बार मेरे साथ प्यार कर लो. मैं आपसे बहुत-बहुत प्यार करता हूँ पापा. बस एक बार मैं आपसे सेक्स करना चाहता हूँ.
पापा- अरे क्या बात कर रहे हो? तुम इसे सह नहीं पाओगे. तुम्हें पता भी है कि सेक्स में क्या होता है?

मैं- हां पता है पापा, बस लंड पीछे से अन्दर घुस जाता है और बॉटम इससे बड़े मज़े लेता है, तभी तो वह इसे चूसता है!
पापा- तुम्हें पता भी है जिसे तुम इतने मज़े से बोल रहे हो कि ‘घुस जाता है’. उसमें कितना दर्द होता है? तुम सह नहीं पाओगे!

मैं बच्चे की तरह ज़िद करने लगा. काफ़ी ज़िद के बाद पापा मान गए.

पापा- ओके ठीक है, चूस लो. अगर मेरे बेटे की यही विश है तो … फिर 4 दिन बाद तेरा बर्थडे है ना? उसी का गिफ्ट समझ कर ले लो!
मैं- थैंक्स पापा थैंक यू सो मच!

पापा- कोई बात नहीं जानू. अब यह तुम्हारा है. जब चाहो इसके साथ खेल सकते हो. लेकिन एक बात है!
मैं- क्या बात?

पापा- सेक्स में मैं बहुत रूड हूँ. उसमें मेरी मर्ज़ी चलेगी. चूस अपनी मर्ज़ी से ले, लेकिन चुदाई मेरी मर्ज़ी की. मुझे लॉन्ग टाइम सेक्स पसंद है. तुमने कहीं पहले तो कभी नहीं किया यह? … किया है क्या?
मैं- नहीं पापा, मैंने कभी नहीं किया. आई’म वर्जिन.
पापा- ऊ गुड बेबी … फिर तो और मज़ा देगा. तेरी बॉडी भी सॉफ्ट है.

इतना कहकर पापा ने मुझे लिप किस करना शुरू कर दिया और मेरे निपल्स दबाने लगे.

मैं भी उनके थूक को पी रहा था और वे मेरे.

फिर मैंने उनके निपल्स को चूसना शुरू कर दिया.
इतना मज़ा आ रहा था कि क्या ही बताऊं!

पापा- बेबी, सीधे लेट जाओ और लेग्स ऊपर करो. तुम्हारी गांड तो देखूँ कि कैसी है!

मैंने वैसा ही किया, टांगें ऊपर कर लीं.

पापा- बड़ी सॉफ्ट है, शाटन के जैसी चिकनी लग रही है … जरा छेद भी तो देखूँ.

जब पापा ने मेरी गांड का छेद देखा तो बोले- ऊ तेरी … यह तो पूरा मज़ा वाला छेद है … मज़ा पूरा देगी तेरी गांड … एकदम सील पैक है. इतना छोटा सा छेद आह … साला ज़िंदगी में दूसरी सुहागरात हो जाएगी … आज तो पूरा घुसेड़ कर चोदूंगा … तेरी गांड में लंड अन्दर जाएगा तो बड़ा मज़ा आएगा चोदने में!

इतना कहकर पापा उठे और ड्रॉअर से कोई गोली निकाल कर खा आए.
वे सीधे लेट गए.

मैंने पूछा- पापा, यह कौन सी गोली थी?
पापा- इससे सेक्स लॉन्ग टाइम चलता है. जल्दी डिस्चार्ज नहीं होते.

मैं डर गया और बोला- पापा, मैंने तो आपको पहले ही दूध में गोली दे दी थी.

यह सुनकर पापा शॉक्ड हो गए.

पापा- तो जानू, पहले बता देता मैं कौन सा कुछ बोलता. इस गोली का टाइम 2 घंटे है और तुमने जो दी, वो अलग … अब तो कुछ नहीं हो सकता. तुम ऐसा करो, कुछ देर तक मेरे पप्पू को चूस लो. फिर बाकी टाइम पप्पू तुम्हारी सर्विस करेगा … ओके!

मैंने ऐसा ही किया.
मैं पापा का लंड ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा.

पापा के मुँह से सिसकारियां निकल रही थीं- आआह्ह्ह उउह बेबी माय गुड ब्वॉय उम्म और चूसो चूसो सस्सिई गुड ब्वॉय!

फिर पापा उठे और बोले- चलो अब पूरा सेक्स करते हैं. तुम्हें थोड़ा सा दर्द होगा, सह लेना. फिर मज़ा आएगा. एक बार आराम से चुद जाओ, फिर तुम्हारा होल भी बड़ा हो जाएगा और तुम्हें मज़ा आने लगेगा … और रही बात गांड की, उसे तो मैं ठोक ठोक कर बड़ी कर दूँगा.

पापा ने मेरी टांगें ऊपर करवाईं और गांड चाटने लगे. मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगा.
पर मुझे क्या पता था कि यह तूफान के आने से पहले की शांति है.

मुझे पता ही नहीं था कि जो पापा मुझसे इतना प्यार करते हैं, वे ही थोड़ी देर बाद बेरहम हो जाएंगे … जिस लंड को मैं इतना प्यार कर रहा हूँ, चूस रहा हूँ, वही मेरे खू.न से सन कर लाल हो जाएगा.
वही लंड आज मुझे दर्द देने वाला था, मेरी गांड की सील तोड़ने वाला था.

कोई 20 मिनट तक मैंने पापा ने गांड चाटी.
वे मेरे मुँह से लंड निकालते हुए बोले- छोड़ … अब यह रेडी है.

मेरी गांड पूरी थूक से सनी थी. मैं बहुत एक्साइटेड था कि आज मेरी इच्छा पूरी होगी.

पापा ने मेरी गांड में उंगली डाल कर थूक से उसे गीला किया और बोले- आरव, छेद बहुत टाइट है. तू ऐसा कर मेरे लंड को एक बार और अपने थूक से भिगो दे.

मैंने ऐसा ही किया.
मेरा थूक पापा के लंड से टपक रहा था.

पापा- जानू, टांगें ऊपर कर लो और हिलना मत. ओके मेरा गुड ब्वॉय. अगर आप हिले तो आपके छोटे पापा अन्दर नहीं जा पाएंगे!
मैं- पापा, यह छोटे पापा क्यों?
पापा- अरे आज रिप्रोडक्शन नहीं पढ़ा? आरव, तू इसी से पैदा हुआ है.

पापा अपने टट्टे दिखाते हुए बोले- यह देखो, यहां रहते थे तुम पहले. फिर मैंने तुम्हें तुम्हारी मम्मी के पेट में डाल दिया.

मैं- ओके पापा. क्या मैं इसे दस मिनट और चूस लूँ? प्लीज पापा …
पापा- ऊवू, चलो ठीक है. पर इस बार थोड़ा गले तक लेकर जाओ … और जल्दी करो, 12:30 हो गए हैं. अब शुरू किया तो न जाने कब मेरा डिस्चार्ज होगा!

मुझे पापा का गोरा लंड अच्छा ही बहुत लग रहा था. मेरा दिल कर रहा था कि हमेशा इसे मुँह में रखूँ.

थोड़ी देर बाद पापा ने लंड मुँह से खींच लिया- चल जानू, अब निकाल दे. कहीं और भी डालना है. खाएगा क्या इसे?

मैंने लंड बाहर निकाल दिया.

अब पापा ने गांड पर थूक लगाया- जानू, अब हिलना मत!
पापा ने मुझे कसकर पकड़ लिया.
तब मैं समझ नहीं पाया कि कसकर क्यों पकड़ा है.

उन्होंने लंड मेरी गांड पर सैट किया और झटका मारा, पर लंड फिसल गया.

अगली बार पापा ने छेद खोला और उस पर टोपा अच्छे से सैट कर दिया.

पापा ने मुझे लिप्स पर किस किया और बोला- आई लव यू जानू!
उन्होंने इतनी ज़ोर से झटका मारा कि मेरी चीख निकल गई.
मैं दर्द से चीखने लगा- पापा बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है आह पापा, मैं मर जाऊंगा निकाल दो … सहा नहीं जा रहा!

लेकिन पापा को कोई फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने दूसरा झटका दे मारा.
उन्होंने अपना पूरा लंड अन्दर डाल दिया था. मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया. मैं बेहोश हो गया.

पापा ने मुझे उसी वक्त उठा लिया. मैं बहुत दर्द में था.
पापा मुझसे बोल रहे थे- रिलैक्स करो, कुछ नहीं होता … रिलैक्स!

लेकिन जिसकी गांड में इतना बड़ा लंड घुसा हो, वह कैसे रिलैक्स करे?
तभी पापा उठे और उन्होंने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाल लिया.

मैं उनका लंड देख कर एकदम से डर गया.
उनका पूरा लंड खू.न में तर था.
पापा उसे अपने रूमाल से साफ कर रहे थे.

मैंने रोते हुए पूछा- पापा, यह क्या हुआ?
पापा- कुछ नहीं जानू, पहली बार है इसलिए ऐसा हुआ. फिर तुम्हारा छेद भी छोटा था ना तो गांड फट गई है. अब तुम आराम से ले लोगे.

इतना बोलते ही पापा ने लंड पर थूक लगाया और फिर से गांड में डाल दिया.
उन्होंने इस बार एक ही झटके में पूरा लंड अन्दर डाल दिया था.
मेरी तो जान ही निकल गई.

पापा- रिलैक्स करो एक बार चुद जाओ, फिर तो आराम से करवाया करोगे!

मैं कराहता ही जा रहा था.
पापा ने धक्के देने शुरू कर दिए.
पहले धीरे-धीरे, फिर कुछ टाइम बाद ज़ोर-ज़ोर से करने लगे.

मैं उनके मूसल लंड को सह नहीं पा रहा था, पर क्या करता?
पापा ने मुझे कसके पकड़ा था.

मुझे कराहता देख कर पापा कहने लगे- मैंने तो पहले ही बोला था कि तुम सह नहीं पाओगे, पर तुम ज़िद कर रहे थे!
मैं- पापा, आप मुझसे प्यार नहीं करते क्या? प्लीज छोड़ दो.

पापा- ऊहो जानू, यह भी प्यार ही होता है. इसमें दर्द होता है लेकिन बाद में मज़े भी आते हैं. बस वेट करो, कुछ देर बाद मैं डिस्चार्ज हो जाऊंगा.

काफी लंबी चुदाई के बाद पापा एक से और तेज़ हो गए.
उन्होंने मेरी गांड में रस छोड़ दिया.

पापा की बॉडी से पसीना टपक रहा था.
वे मेरे ऊपर ही लेट गए.

कुछ टाइम बाद पापा उठे और लंड बाहर निकाला.
लंड खू.न से पूरा भीगा पड़ा था.

मैं भी इतना थक चुका था कि उठना तो दूर मैं हिल भी नहीं पा रहा था.

पापा ने मुझे एक पेन किलर दी और कहा- सो जाओ जानू … दर्द थोड़ा कम हो जाएगा.

रात के 3:30 हो चुके थे.
मैं सो नहीं पा रहा था.

मुझे थोड़ी देर में नींद आ गई.

सुबह 4:30 का टाइम था.
तब पापा ने मुझे फिर उठा लिया.

मैं- क्या हुआ पापा?
पापा- कुछ नहीं बेटा एक राउंड और मार लेते हैं. मेरे पप्पू महाराज जाग गए हैं.

मैं डर गया और मना करने लगा.
सच में पापा का लंड भी एकदम सीधा खड़ा था.

पापा ने मेरी एक न सुनी, लंड पर कंडोम चढ़ाया और गांड में पूरा लंड पेल दिया.

मैं फिर से रोने लगा.

पापा- कोई बात नहीं बेटा बस थोड़ी देर की बात है, अब जल्दी हो जाएगा. अब कोई गोली नहीं खाई.

मैं हाय हाय कर रहा था- आह मर गया. हाय पापा, छोड़ो प्लीज!

करीब 40 मिनट की चुदाई के बाद पापा ने कंडोम उतार दिया.

पापा- जान अब स्पर्म का टेस्ट देख. इसमें तेरे बहुत से भाई-बहन हैं.

इतना बोलते ही लंड मेरे मुँह में दे कर पापा मुठ मारने लगे.
कोई दो मिनट बाद सारा माल मेरे मुँह में रस छोड़ दिया और सारा रस मुझे पिला दिया.

अब मैं बोला- पापा प्लीज अब मत करना. अब नहीं सह पाऊंगा!
पापा मान गए.

सुबह मैं 9 बजे उठा.
मेरी गांड पूरी सूज चुकी थी.
मैं कमरे में अकेला था.

थोड़ी देर बाद पापा कॉफी लेकर आए- उठ गए मेरी जान, दर्द तो नहीं हो रहा?

मैंने ना में सिर हिला दिया.
पापा अभी भी नंगे खड़े थे लेकिन लंड सोया हुआ था.

मेरी पहली नजर ही उस पर पड़ी.
पापा ने देख लिया और मुस्कुरा दिए- कोई बात नहीं यार … अब क्या रोना, अब तो खुल गई. जो होना था हो गया. वैसे एक बात तो है, बहुत टाइट थी तुम्हारी. लेने में मज़ा आ गया.

यह कहकर पापा ने मुझे किस कर लिया.

अब मैं वॉशरूम जाने के लिए उठा तो उठा नहीं जा रहा था.
पापा ने मुझे उठाया.

मैंने देखा कि बेडशीट पर बहुत बड़ा धब्बा खून का लगा हुआ था. मैं देखकर हैरान रह गया कि इतना खून निकला.

मैं टॉयलेट गया तो बहुत मुश्किल हो रही थी.
मुझे 104 बुखार था.

जब मैं रूम में आया तो पापा ने पहले ही पूछ लिया.

पापा- तुम्हें बुखार भी हो गया. क्योंकि फर्स्ट टाइम चुदाई की पाईं के बाद सबको होता है.

उन्होंने मुझे दवाई दी, बेडशीट चेंज की.
आगे 4 दिन तक सूजन रही और 2 दिन तक बुखार.

पापा ने भी 4 दिन तक सेक्स नहीं किया.

फिर 5वीं रात को पापा ने मेरी 3 बार चुदाई की.
उस दिन दर्द कम हुआ.

अब यह हो गया है कि जिस दिन भी मेरी चुदाई होती, उस दिन स्कूल की छुट्टी हो जाती क्योंकि मुझे बुखार हो जाता और चलने में प्रॉब्लम आती.

फिर 10-12 बार के सेक्स के बाद दर्द होना बंद हो गया.
अब मुझे गांड में पापा का लंड लेने में मज़ा आने लगा.

मेरे पापा अब लगभग हर रात को मुझे कम से कम दो बार तो चोदते ही हैं.

अपने छोटे पापा यानि पापा के लंड से मेरा प्यार और बढ़ गया.
अब जब भी मैं मॉर्निंग में उठता तो पापा सामने नंगे खड़े होते.
मैं उन्हें गुड मॉर्निंग बोलकर उनके लंड को किस कर लेता.

स्कूल जाने के पहले भी पापा को बाय बोलने के साथ लंड को भी एक बार किस कर देता.
पापा घर में अब अक्सर ही नंगे ही रहते.

मैं उनसे बोलता कि लंड की सफाई मत किया करो.
क्योंकि सफाई ना होने के कारण मुझे उनके लंड की टेस्टी मलाई चाटने मिल जाती.

वैसे भी मैं चूसता ही इतना था कि सफाई वैसे ही हो जाती थी.

एक दिन मैं मिरर में अपनी गांड देख रहा था तो मैंने नोटिस किया कि गांड सच में बड़ी हो गई थी.

मेरे फ्रेंड ने भी एक दिन मुझे मजाक में बोल दिया- अबे पहले तो तेरी गांड छोटी सी थी … अब बड़ी कैसे हो गई है?

मैं मन में खुश हो रहा था कि अब क्या बताऊं, यह पापा की मेहनत है.
मैं अक्सर पापा का मूत भी पी लेता और वह भी मुझे मस्ती से पिला देते.

मैं रात को सूसू करने के लिए उन्हें टॉयलेट नहीं जाने देता.

आज भी मैं और पापा बहुत खुश हैं और पूरा सेक्स का मज़ा लेते हैं.
जिम की ताकत को वे मुझ पर टेस्ट करते हैं.

फादर सन गे स्टोरी पर आप अपने विचार मुझे मेल करें.
jashanyadav04@gmail.com

You May Also Like

कॉलेज के दोस्त के साथ गे सेक्स का मजा
Views: 157 Category: Gay Sex Stories Author: ak0638169 Published: April 15, 2026

Xxx गांड सेक्स कहानी में मैं टॉप गे हूँ. मुझे अपना रूममेट बहुत अच्छा लगता था. एक बार मैंने उसे किस कर लिया. वह नाराज हो ग…

ताऊ जी के बेटे ने मेरी गांड मारी
Views: 12 Category: Gay Sex Stories Author: jikarun34 Published: July 23, 2026

गे ब्रदर सेक्स कहानी में मैं अकेला ही गाँव में रहता था। एक बार मेरे ताऊ के बेटे घर आये. शाम को वे मेरे सामने नंगे हो कर न…

Comments