मुँह में लंड पेलकर चुसाई का मजा


Xxx ओरल सेक्स कहानी में मैं बाई-सेक्सुअल हूँ. मैंने कभी किसी लड़के से सेक्स नहीं किया था. फेसबुक पर मुझे एक लड़का मिला जो मेरा लंड चूसने को तैयार था.

नमस्ते दोस्तो, मैं मंथन पटेल हूँ.
मैं गुजरात के सूरत शहर के पास एक टाउन, बारडोली का रहने वाला हूँ.

मेरी उम्र 28 साल है और यह Xxx ओरल सेक्स कहानी मेरे पहले गे सेक्स अनुभव की है जिसमें मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने फेसबुक से मिले एक समलैंगिक सेक्स के दीवाने लड़के को अपना लंड चुसवाया था.

वैसे तो पहले मैं कभी भी इस तरह के समलैंगिक संबंधों में किसी भी प्रकार की रुचि नहीं रखता था पर आज के समय में लड़कियों के साथ सेक्स करने के लिए स्पेशल रूम का इंतज़ाम करना पड़ता है, जिसमें बड़ी मुश्किलें आती हैं.
खुले में लड़कियों के साथ सेक्स करने में बड़ा रिस्क रहता है, इसी वजह से मैंने यह फैसला किया कि मैं बायसेक्सुअल बनूँगा … लड़कों के साथ मुझे और कुछ नहीं करना था, बस अपना लंड चुसवाकर एन्जॉय करना था.

इसी सोच के साथ मैंने यह खोजना शुरू किया कि समलैंगिक लड़कों को किस तरह ढूँढा जाए.
गूगल पर सर्च करने के बाद मुझे काफी गे डेटिंग एप्लीकेशंस के बारे में पता चला.

उनमें से दो-तीन एप्लीकेशन मैंने ट्राई की, पर वहां 99% लोग सिर्फ टाइमपास करने वाले होते हैं, जो सिर्फ फोटो कलेक्शन और चैटिंग करते हैं.
मिलने वाले लोग वहां बहुत कम होते हैं.

इसी के चलते मैंने फेसबुक पर अपना एक अकाउंट बनाया और वहां मुझे मेरे ही टाउन का एक लड़का मिला, जिससे मेरी बात शुरू हो गई

पहली ही चैट में उसने मुझे साफ-साफ बोला- मैं भी बायसेक्सुअल हूँ और मुझे अच्छे साइज, स्टैमिना वाले और साफ-सुथरे लंड चूसना पसंद है!

वह भी एक अच्छा बायसेक्सुअल दोस्त ढूंढ रहा था, जिससे वह हमेशा अपनी प्यास बुझा पाए.
मुझे भी यही चाहिए था, तो मैंने उसे मिलने के लिए बोल दिया और हमने नंबर व फोटो एक्सचेंज कर लिए.

मैं आपको बता दूँ कि यह सब 2016 के नवंबर महीने में हुआ था.

मेरा लंड 6.8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है.
मेरा स्टैमिना भी काफी अच्छा है क्योंकि मैं करीब 4 सालों से लड़कियों के साथ सेक्स करता आ रहा हूँ.

जिस दिन मिलने का तय हुआ, उस दिन शाम को मैं अच्छे से नहाया और अपना लंड एकदम साफ कर लिया.
मैं सिर्फ शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहन कर चला गया.

मैंने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था, मैं पूरा नंगा था क्योंकि हम रात को खुली जगह में सेक्स करने वाले थे इसलिए सिर्फ शॉर्ट्स पहनकर जाना ही बेस्ट ऑप्शन होता है.

अगर आपका भी कभी ऐसा प्रोग्राम बनता है, तो आप भी यही पहनकर जाओ; ओरल सेक्स करने में बहुत आसानी होगी.

खैर, डिसाइड की हुई जगह पर मैं रात को 7:30 बजे पहुंचा.
वार्म-अप के लिए मैंने थोड़ी ‘ब्लो-जॉब’ वाली वीडियो देखी ताकि पहली बार इस टाइप के सेक्स में लौड़ा खड़ा होने में आसानी हो.

थोड़ी देर में वह आ गया.
वह सीधा मेरी एक्टिवा स्कूटी की पिछली सीट पर बैठ गया और बोला- चलिए मेरे स्पेशल प्लेस पे!
वह जगह थी उसका गन्ने का खेत.

अब शुरू हो रही है हवस भरे सेक्स की शुरुआत, वह भी स्कूटी से जाते-जाते ही … तो दिल थाम कर पढ़िए और वासना के दरिया में डुबकी लगाइए.

उसके खेत जाने के लिए जो रास्ता पड़ता है, उस रास्ते पर शाम होने के बाद ट्रैफिक न के बराबर होता है.
इस बात का फायदा उठाते हुए उसने सबसे पहले अपने हाथ मेरी टी-शर्ट में डाल दिए और मेरी नंगी बॉडी को सहलाना शुरू कर दिया.

उसने हल्के-हल्के से मेरे निप्पलों को अपनी उंगलियों से मसलना चालू किया.
चूंकि हम एक्टिवा से जा रहे थे, तो एक्टिवा पर यह सब करना बहुत आसान था.

फिर उसने अपना एक हाथ मेरे शॉर्ट्स में डाल दिया और मेरी जांघों पर हाथ फिराने लगा.

दूसरे हाथ से वह मेरे एक निप्पल को मसल रहा था और साथ ही मेरी गर्दन पर अपनी गीली जुबान फिरा रहा था.
सिर्फ इतने से ही मेरी हवस ऐसे जाग उठी, जैसे आग में पेट्रोल डालने से ज्वालाएं भड़क उठती हैं.

मेरा लंड तुरंत खड़ा होकर सलामी देने लगा और ठंड के मौसम में एकदम लोहे के डंडे माफिक टाइट हो गया और झटके खाने लगा.
क्योंकि वह ऑलरेडी मेरी जांघों पर हाथ फिरा रहा था तो मेरा कड़क लौड़ा उसके हाथों में आ गया और वह उसे हाथ में लेकर धीरे-धीरे हिलाने लगा.

आप मेरी इस सिचुएशन को इमेजिन करो तो आपको भी वह मंजर महसूस होगा कि मेरी क्या हालत रही होगी.
इस टाइप का एडवेंचर मैंने लाइफ में पहली बार महसूस किया था, मैं तो आनन्द के सातवें आसमान पर था.

इस मजे को अच्छे से महसूस करने के लिए मैं अपनी स्कूटी सिर्फ 20 की स्पीड पर ही चला रहा था ताकि और थोड़ा मजा ले सकूँ.

फिर उसने जो किया, वह आज भी मैं जब भी याद करता हूँ तो मेरा लौड़ा तुरंत खड़ा हो जाता है.
उसने मेरे लंड का टोपा खोला और फिर अपनी उंगलियों पर ढेर सारा थूक लगाया.

फिर एक हाथ से वह मेरे लंड के टॉप पर गीली उंगलियां घुमाने लगा और दूसरे हाथ से मेरे टट्टे सहलाने लगा.
वह मीठा अहसास मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता, उसे सिर्फ महसूस ही किया जा सकता है.

खैर, ऐसी ही अठखेलियां करते-करते हम उसके खेत के पास पहुंच गए.
वह जगह देखकर ही मुझे अंदाजा लग गया कि यह जगह किसी भी तरह के सेक्स के लिए परफेक्ट है.

खेत मुख्य सड़क से थोड़ा अन्दर की ओर था और अगर मुख्य सड़क से कोई उस तरफ आ रहा हो तो वह साफ दिखता था; पर खेत में अगर कोई है, तो वह अन्दर तक घुसने पर ही पता चल सकता था.

हमने एक्टिवा को उसके खेत के एक साइड पर खड़ा कर दिया और अन्दर चले गए.
उसके खेत के एक कोने में एक बड़ा सा नीम का पेड़ था, जिसके नीचे अच्छे से बैठने और सोने की व्यवस्था थी.

वहां तक जाने के बाद उसने मुझसे कहा- कपड़े निकाल कर नंगे हो जाओ और आराम से पैर चौड़े करके बैठ जाओ!
मैंने वैसा ही किया.

ठंड होने के कारण और पहले से ही उसने जो मेरे लंड का मसाज किया था, उसके कारण मेरा लंड तब भी खड़ा ही था.
नंगा होने के कारण लंड फिर से एकदम अकड़ गया था और सलामी दे रहा था.

उसने लंड चूसने की जगह फिर से ‘बॉडी प्ले’ से शुरुआत की.
सबसे पहले उसने मेरी पूरी बॉडी पर अपने हाथ घुमाए. उसके बाद मेरी राइट साइड पर आकर उसने मेरे निप्पल को चूसने की शुरुआत की और साथ में ही मेरे लंड को सहलाने लगा.

उसने बारी-बारी से मेरे दोनों निपल्स को अच्छे से चूसा और लौड़े और टट्टों का बढ़िया मसाज किया.
मेरी हालत खराब होती जा रही थी क्योंकि इससे पहले इस तरह खुली जगह पर पूरे कपड़े निकाल कर मैंने ऐसा कभी नहीं किया था.

उसके स्टेप-बाय-स्टेप सेक्स करने के तरीके से मुझे समझ में आ रहा था कि यह कोई नया नहीं, बल्कि मंझा हुआ खिलाड़ी है, जिसे मर्द की बॉडी में बहुत ज्यादा इंटरेस्ट है.
उसके बाद वह धीरे-धीरे मेरी छाती को चूमते हुए नीचे तक गया.

उसने मेरी नाभि में अपनी जीभ घुमाई और फिर से पेट को चूमते-चूमते मेरे लंड तक आ गया.
उसने पूरे लंड के ऊपर अपनी गीली जुबान घुमाई और मेरे लंड का सुपारा खोला.

वह सिर्फ सुपारा मुँह में लेकर उसके ऊपर गोल-गोल करके अपनी जीभ को ऐसे घुमाने लगा, जैसे छोटे बच्चे लॉलीपॉप चूसते हैं.

दोस्तो, सच बताऊं तो जब गर्म-गर्म मुँह में लौड़ा जाता है और पूरी तरह से खुले हुए सुपारे पर जब गीली जुबान गोल-गोल घूमती है, उस समय जो आनन्द आता है … अए हए … उसके आगे दुनिया के सारे मजे फीके हैं.
मैं भी इस आनन्द में खो गया और आंखें बंद करके आराम से उस परम सुख का अनुभव लेने लगा.

मेरे शरीर से लेकर आत्मा तक सब तृप्त हो गए थे और अन्दर से मेरी आत्मा चाह रही थी कि यह आनन्द कभी खत्म ही ना हो.

फिर उसने पूरा लौड़ा अपने मुँह में ले लिया और लंड को होंठों में दबाकर, सुपारे के ऊपर गोल-गोल जुबान घुमाते हुए वह लंड को आगे-पीछे करने लगा.

मैं बस उस क्रिया को महसूस करते हुए हवस के समुद्र में डूब गया था और लंड चुसाई का आनन्द ले रहा था.
इस तरह उसने पूरा लौड़ा 15 से 20 मिनट तक चूसा.

इसके बाद उसने लंड के साथ-साथ टट्टों को भी चूसना आरंभ किया.

वह कभी लंड जोर से चूसने लगता, तो कभी सिर्फ टोपा खोल कर उसके ऊपर गोल-गोल जीभ घुमाता, उस वक्त मेरे तो आनन्द का ठिकाना ही नहीं रहता था.
क्योंकि जिंदगी में मैंने इतना ‘डेयरिंग’ अनुभव कभी नहीं किया था.

तो इसी तरह बारी-बारी से उसने मेरे पूरे लंड और टट्टों को 30 मिनट तक अच्छे से चूसा.

फिर उसने थोड़ा सा ब्रेक लिया और मुझसे बोला कि आज तक उसने बहुत सारे लंड चूसे हैं, पर उनमें से ज्यादातर लोग सिर्फ 15 मिनट तक ही टिक पाते हैं और उसके बाद झड़ जाते हैं … पर तुम आधा घंटा होने के बाद भी नहीं झड़े!
यह सब उसने हैरानी से कहा था.

मैं भी उसकी हवस को अच्छे से पूरी कर रहा था.

ब्रेक लेने के बाद उसने फिर से मेरे निप्पल से शुरुआत की और चूमते-चूमते नीचे तक आ गया.
इस बार उसने मेरे लंड को मुँह में नहीं लिया; उसने मुझे घूमने को कहा.

जैसे ही मैं घूमा, वह धीरे-धीरे मेरी जांघों को चूमने लगा और उनके ऊपर जीभ फिराने लगा.
मैं समझ गया कि उसकी मंशा क्या है और उसने वही किया.

वह जांघों को चाटते-चाटते मेरी गांड के पास आया और उसने अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों कूल्हों को खोलकर अपनी जीभ मेरी गांड के छेद पर लगा दी.
वह अच्छे से छेद को चाटने लगा, फिर उसने मुझे अपने कूल्हों को थामने को कहा.

अब वह अपने दोनों हाथों से मेरे लंड की मुठ मारने लगा.

यह Xxx ओरल सेक्स का अनुभव मेरे लिए भी नया था, क्योंकि आज से पहले मैंने कभी भी ‘रिमिंग’ नहीं करवाया था.

जैसे ही उसने छेद पर जीभ चलाना शुरू किया, मुझे करंट सा लगा … पर कुछ देर के बाद बहुत मजा भी आने लगा, क्योंकि एक साथ लंड को मसाज भी मिल रहा था और दूसरी ओर गांड के छेद की चटाई भी हो रही थी.
यह सब पहले मैंने सिर्फ ब्लू फिल्म में ही देखा था … पर रिमिंग से इतना मजा आता होगा, यह मैं नहीं जानता था.

उसने करीब 7 से 8 मिनट तक इसी तरह सब कुछ किया और इससे मैं इतना उत्तेजित हो गया था कि जल्द ही अपने चरम पर पहुंचने वाला था.

मैंने उससे बोला- मेरा वीर्य डिस्चार्ज होने वाला है, निकलने वाला है!
उसने तुरंत मुझे घुमाया और पूरा लौड़ा मुँह में गले तक ले लिया.

वह जोर-जोर से उसे आगे-पीछे करने लगा और जल्द ही मेरे वीर्य की पिचकारियां सीधा उसके मुँह में जाकर गिरने लगीं.
लगभग तीन से चार पिचकारियां मारने के बाद मैं पूरी तरह से खाली हो गया और पसीने-पसीने होकर वहीं पर लेट गया.

उसने वीर्य की एक भी बूंद नीचे नहीं गिरने दी. वह मेरा सारा माल अच्छी तरीके से पी गया और लंड को चाट कर साफ कर दिया.
अब वह मेरे बाजू में आकर बैठा और मुझसे पूछा- कैसा लगा?

मैंने उसे अपना सुखद अनुभव सुनाया.
मेरा रिव्यू सुनकर वह भी खुश हो गया.

फिर एक से दो मिनट तक उसने मेरे लंड को अच्छे से चूसकर पुनः गीला कर दिया.
उसने मुझसे कहा कि वह मेरे स्टैमिना से बहुत खुश है और लड़की के भाव से कहा कि मैं चाहती हूँ कि तुम मुझे हमेशा इसी तरीके से मजा दो!

इसी के साथ अगली बार मिलने का वादा करके हम लोग अलग हुए.

तो दोस्तो, यह थी मेरी पहली गे ओरल सेक्स स्टोरी.
उम्मीद है आपको Xxx ओरल सेक्स कहानी पसंद आई होगी आपको यह गे सेक्स कहानी कैसी लगी?
प्लीज आप मुझे इस ईमेल आईडी के जरिए बता सकते हैं.
storytellermanthan@gmail.com

You May Also Like

भाई ने गांड मारकर आई लव यू कहा
Views: 60 Category: Gay Sex Stories Author: alokvarma Published: May 23, 2026

बॉटम गे बॉय कहानी में मेरे चाचा के बेटे ने मुझसे मुठ मरवा कर मेरे गे सेक्स की शुरुआत कर दी. वो तो पढने बाहर चला गया, पर …

मेरी गांड का उद्घाटन मेरे यार ने किया

Xxx गांडू की कहानी में एक मेरे दोस्त ने मुझे गांडू बनाया. हम दोनों साथ साथ हगते तो मेरे मल को निकलते हुए देख वह मजाक में…

Comments