हॉट साली Xxx कहानी में मैं शादी के बाद पति के भतीजे से चुदी तो मेरी वासना बढ़ती गयी. मेरी चचेरी बहन के पति यानि मेरे जीजा की नजर मेरी जवानी पर थी.
नमस्ते दोस्तो!
मेरा नाम मोना सिंह (उर्फ मोना प्रिया) है।
मैं बिहार की रहने वाली हूं और एक शादीशुदा गृहणी हूं।
मेरे पति डिफेंस में जॉब करते हैं, इसलिए मैं बाहर उनके साथ अपने तीन बच्चों को लेकर रहती हूं।
मेरी उम्र 34 साल है और मेरा बॉडी शेप 36-30-44 है।
शादी से पहले मैं इतनी गदराई नहीं थी, पर मेरी गांड़ तब भी मोटी हुआ करती थी!
जब मैं गली में निकलती थी, तो मोहल्ले के लड़के मेरी गांड़ को घूरते रहते थे।
इस बात का पता मुझे हाल में ही गांव के एक लड़के ने बताया जब मैं उससे सोशल नेटवर्क पे चैट कर रही थी।
उसने मेरे कामुक शरीर को देख कर जोश में बताया कि कैसे वो मेरी गांड़ को देखते ही जोश में आ जाता था और फिर मुझे झुका के मेरी गांड़ मारना चाहता था!
उफ्फ, ये सुन कर मेरी चूत गीली हो गई थी!
मैं इतनी चुदक्कड़ नहीं थी जितनी शादी के बाद हो गई हूं।
मेरे जीवन में कभी किसी पराए मर्द के साथ यौन संबंध नहीं रहा, सिवाय 6 साल पहले जब मैं अपने ही पति के भतीजे के साथ संबंध में रही।
वह सिलसिला 5 साल लगातार चला और उसने मुझे चुदक्कड़ बना डाला!
उसके साथ की हुई चुदाई के किस्से फिर कभी, फिलहाल मैं इस हॉट साली Xxx कहानी में अपने चचेरे जीजा जी के साथ हुई चुदाई का वाकया बताना चाहूंगी।
पति के भतीजे के साथ रिश्ता खत्म करने के बाद मैंने कभी किसी पराए मर्द के बारे में नहीं सोचा था।
पर पति के अलावा किसी और का लन्ड खा लेने के बाद मेरी चूत बहक सी गई थी।
पति के साथ चुदाई में मजा कम आता था, इसके बावजूद मैंने कभी दूसरे लन्ड की ओर नहीं देखा!
पर पिछले 3 साल से सोशल नेटवर्किंग चलाने के दौरान पता चला कि मेरे गांव के बहुत से लोग मुझे चोदना चाहते हैं, जिनमें कुछ मेरे चचेरे, फुफेरे और मौसेरे भाई भी हैं!
चैट के दौरान मैं थोड़ा घास डालती थी और वो अपनी कामुक कल्पनाएं मुझे झट से बता देते थे।
इस लिस्ट में गांव के 19-24 साल के लड़के, मेरे छोटे भाई के दोस्त और भैया के दोस्त भी शामिल हैं!
इन सब के साथ गरम चैट करके मैं अपनी चूत से बहुत पानी छोड़ती हूं और कल्पनाओं में खोई रहती हूं कि अबकी त्योहार में गांव जाऊंगी तो किससे किस तरह से चुदवाऊंगी!
अब तक तो आपको पता लग गया होगा की मेरे अंदर की गर्मी कितनी बढ़ी हुई है, जो सिर्फ एक लन्ड से शांत नहीं होने वाली! इसे पराए लन्ड को अपने दोनों छेद में लेने पर ही राहत मिलेगी!
अब आती हूं जीजा जी की बात पर।
ये मेरे अपने जीजा नहीं बल्कि चचेरे हैं।
मेरी इनसे कभी उतनी बात नहीं होती थी, न गांव में और न फोन पे! मुझे जीजा-साली वाली मजाक-मस्ती बेकार लगती थी, इसलिए मैं दूर ही रहती थी।
सोशल नेटवर्किंग पे मैंने अपनी एक फोटो अपलोड की थी जिसमें मैं लेगिंग्स पहने हुए छत की सीढ़ी पर बैठी हूं।
उस तस्वीर में मेरे मोटे जांघ और मोटी गांड़ काफी सुंदर दिख रही थी!
इसी तस्वीर पे जीजा जी का एक कमेंट था, “वाह! मेरी सेक्सी साली जी!”
यह पढ़ कर मुझे काफी अजीब लगा और गुस्सा भी आया।
पर जैसे ही मैंने अपने होंठों से बाल हटाने के लिए उंगली नाक के पास लाई, तो मुझे अपनी चूत की महक ने मदहोश कर डाला (क्योंकि कॉमेंट पढ़ने से पहले मैं अपने फुफेरे भाई से गंदी चैट करते हुए उंगली कर रही थी)!
अचानक से मेरा नजरिया जीजा जी को लेकर बदल गया।
मेरा मन करने लगा कि अपनी बड़ी नंगी गांड़ लेकर जीजा जी की गोद में उसी पोज में बैठ जाऊं!
यही सोचते ही मेरी पूरी शरीर गरम हो गई और चूत में गीलापन और खुजली होने लगी।
मैं इतनी जोश में आ गई की अपनी नाइटी गाउन उठाकर अपनी गांड़ की छेद में दो उंगलियां डालने लगी!
जीजा जी के कमेंट को पढ़ते हुए मैं किसी हिट में आई घोड़ी की तरह अपनी गांड़ की खुजली मिटाने लगी!
उंगलियां निकाल कर सूंघने लगी और मेरी हवस परवान चढ़ चुकी थी!
मेरे मुंह से आवाज आई, “आह! उफ्फ जीजा जी, अपनी इस घोड़ी की हीट खत्म कर दीजिए अपने लन्ड से जोर-जोर के झटके लगा के! आआ आह्हह!”
अंततः चूत से पानी की बौछार छूट गई जिसने बेडशीट को गीला कर डाला! इतनी पानी मैंने पिछले 5 साल से नहीं छोड़ी होगी।
शायद ये सालों की अतृप्ति का नतीजा था! होश में आने के बाद मैं पूरे शाम यही सोचती रही कि आज मुझे क्या हुआ था!
उस रात से मैंने जीजा जी से चैटिंग शुरू कर दी।
एक चुदक्कड़ साली की तरह मैं उनके लन्ड को चखने के लिए उनके आगे-पीछे करने लगी!
मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था क्योंकि मैंने उन्हें कभी उस नजर से नहीं देखा था, पर अब मेरे अंदर की चुदासी औरत जाग गई थी!
हमारी बात कुछ इस तरह हुई:
जीजा जी, “मोना जी, आप काफी फिट और सेक्सी लगने लगी हैं!”
मोना, “अच्छा! पहले नहीं थी ना?”
जीजा जी, “नहीं जी! आप तो शादी के पहले से ही मस्त लगती थीं हमको!”
मोना, “अच्छा!”
जीजा जी, “हां जी, मेरी सबसे प्यारी साली जी!”
मोना, “बस कीजिए, पहले तो कभी बोले नहीं जी!”
जीजा जी, “डर लगता था आपसे, कहीं आप गुस्सा ना हो जाएं!”
मोना, “और अब?”
जीजा जी, “अब तो आपका फिगर देख के रहा नहीं गया जी, इसलिए बोल दिए!”
मोना, “कैसा फिगर जी, मोटी तो हो गई हूं!”
जीजा जी, “नहीं जी, गदरा गई हैं! एकदम मस्त मस्त माल लगते हैं अब आप साली जी!”
मोना, “अच्छा जी!”
जीजा जी, “क्या राज है इस फिगर का?”
मोना, “रोज शाम में वॉक पे जाती हूं जी, इसलिए थोड़ी बहुत फिट भी हूं!”
जीजा जी, “हां, फौजी की बीवी हो तो फिट ही रहोगी न जी!”
चैटिंग में इसी तरह बातें होती रहीं।
कभी-कभी मैं अपनी तस्वीरें भी भेजती थी जिनमें मेरी मोटी गांड़, जांघें और चूचियां नजर आएं!
फिर एक दिन गलती से एक ऐसी फोटो चली गई जिसमें मैं काले रंग की नाइटी पहने घुटने पे झुकी अपनी गांड़ उठाए हुए थी!
यह तस्वीर मेरे पति ने कभी खींची थी।
काफी देर बाद मुझे पता लगा जब जीजा जी का मैसेज आया, “उफ्फ! मेरी घोड़ी क्या लग रही है!”
मैं पहले समझ नहीं पाई, फिर जब चैट खोली तो देखा “हाए राम, ये क्या भेज दिया!”
उधर से जीजा जी ने अपने मोटे काले लन्ड का फोटो भेजा।
उसे देख मैं सकपका गई कि मुझे इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी! पिछले संबंध की लापरवाही से पति को पता चल गया था, इसलिए मैं डर रही थी!
तभी उनका मैसेज आया, “उफ्फ मेरी घोड़ी चुदक्कड़ साली! अपना नंगा गांड़ खोल के मेरे मुंह पे पाद मारिए!”
मैं भौचक्की रह गई कि ये आदमी कितना बड़ा चोदूमल है! मेरी गांड़ देख कर इतना पागल हो गया है कि अगर मैं नंगी फोटो भेज दूं तो ये चोदने यहीं आ जाएगा!
मैंने उन्हें लिखा की तस्वीर गलती से चली गई थी और उन्हें ब्लॉक कर दिया!
मैं सोचने लगी कि ये मुझे कितने दिनों से चोदना चाह रहे होंगे!
इनकी मनोदशा बताती है कि ये घर पे मुझे देख कर क्या खयाली पुलाव पकाते होंगे और कैसे लन्ड मसलते होंगे!
हाय! मोना तेरे गांड़ के दीवाने घर में थे और तू लन्ड के लिए कहां-कहां भटक रही थी!
नवंबर में मैं अपने मायके गई।
पति की छुट्टियां खत्म हो गई थीं पर बेटे का मुंडन होने वाला था इसलिए मैं गांव में रुक गई!
समारोह में काफी रिश्तेदार आए, जीजा जी भी आए!
उनसे नजरें मिलती थीं तो मैं मुस्कुरा देती थी।
मेरी यही आदत है की मैं मर्दों को देख कर मुस्कुरा देती हूं और उन्हें लगता है की मैं रण्डी चुदक्कड़ किस्म की औरत हूं!
पहले ये बात गलत होती, पर अब ये सही थी कि हां, मैं एक चुदासी प्यासी औरत हूं!
समारोह के दिन मैंने लाल लहंगा और गहरे गले का ब्लाउज पहना था जो पीछे से खुला था!
मैंने खुद को इसलिए सजाया था क्योंकि मुझे पता था कि यहाँ लोग मुझे चोदने के लिए लन्ड मसलते हैं!
मैं बेशरम की तरह नंगी पीठ दिखाते हुए काम कर रही थी!
रसगुल्ले का रस मेरे हाथों में लग गया।
मैं जीजा जी के पास गई और हंसते हुए बोली, “क्या जीजा जी, हमसे हाथ नहीं मिलाना है?”
जीजा जी, “हां जी साली जी, लीजिए हाथ मिला लीजिए!”
मैंने रस उनके हाथ में लगा दिया और अपनी बहनों के पास जाकर हंसने लगी!
मोना, “कैसा लग रहा है जीजा? हाथ मिला के रस लग गया न!”
थोड़ी देर बाद जीजा जी पास आए और बोले, “हाथ बड़ा चिपचिपा कर दिए मोना जी, लगता है वहां का रस लगा दिए क्या?”
काम खत्म होने के बाद सब थक कर सो गए।
मैंने नाइटी पहन ली और अंदर पैंटी-ब्रा नहीं पहनी
मैं चचेरी बहन के कमरे में पंखे की हवा खाने बैठी थी।
शायद जीजा जी ने मुझे देख लिया था, वो कुत्ते की तरह गांड़ सूंघते हुए कमरे में आ गए!
जीजा जी, “क्या जी साली जी, सुबह से एकदम टाइम नहीं दे रहे हैं हमको!”
मोना, “इतना काम में दौड़ रही थी, देख नहीं रहे थे?”
जीजा जी, “हम तो सिर्फ आपको ही देख रहे थे!”
मोना, “हां, आपकी नजर कहां थी मैं भी देख रही थी!”
जीजा जी, “बहुत मस्त लग रहे थे आप एकदम!”
मोना, “अच्छा!”
वो मेरे करीब आकर लेट गए।
उनका लन्ड मेरे चूत के सामने था!
जीजा जी, “आप तो एकदम जालिम हैं जी! उस दिन अपनी गांड़ का दर्शन करवा के गायब ही हो गए!”
मैं फिर से मदहोश होने लगी, “आप जो अपना काला मोटा नाग भेजे थे न, उसको देख के डर गई थी!”
जीजा जी, “आप जब ऐसे हंसती हैं न, तो मन करता है आपके ये दोनों मोटे होंठों को जोर-जोर से चूस लें!”
मोना, “और?”
जीजा जी, “फिर आपको खींच के कोने में ले जाएं!”
मोना, “फिर?”
जीजा जी, “फिर आपको नीचे बैठने बोलें अपने घुटने पे और आप हंसती रहिएगा, हम अपना लन्ड निकाल के सीधे आपके मुंह में घुसा दें पूरे आपके गले तक!”
उफ्फ! मैं मन में सोचने लगी कि जीजा जी क्या पूरा पागल कीजिएगा!
उनका लन्ड पैंट के अंदर टाइट हो चुका था और मेरी नाइटी के अंदर नंगी बूर को सहलाने लगा था!
जीजा जी, “क्या हुआ मोना डार्लिंग, कुछ बोलो?”
मोना, “एक बात पूछूं आपसे? सच बोलोगे न?”
जीजा जी, “अरे अब छिपाने के लिए रह ही क्या गया है मेरी साली!”
मोना, “आप मुझे कब से चोदना चाह रहे हैं?”
जीजा जी, “जब आप शादी के दो साल बाद आई थीं और नाले के पास नाइटी उठा कर नंगी गांड़ लेके पेशाब कर रही थीं! आपका बड़ा गांड़ देख मेरा दिमाग खराब हो गया था, तब से आपको घोड़ी बनाकर चोदना चाहता हूं!”
मोना, “जाइए थोड़ा दरवाजे से देख कर आइए कोई आस-पास तो नहीं है!”
वो देखने गए, मैंने नाइटी ऊपर तक उठा ली!
वो वापस आए और जमीन पे मेरी तरफ लेट गए।
उन्होंने अपना काला मोटा लन्ड निकाला और फच की आवाज के साथ मेरी गीली चूत में एक झटके में डाल दिया!
दर्द बहुत था क्योंकि लन्ड सीधे जड़ तक जा चुका था!
मोना, “उफ्फ! ओईई! मम्मा! जीजा जी निकालिए निकालिए! मर जाऊंगी!”
जीजा जी, “चुप साली बुरचोदी! रण्डी इतना तड़पाई! आह्ह्ह्ह्ह्न गांड़ दिखा के! हम फिराक में थे की कब मुरारी सिंह की चुदक्कड़ बेटी गांव आयेगी और हमको मजा देगी!”
लन्ड अंदर लेते ही मुझे जोश चढ़ने लगा!
वो तेजी से चोद रहे थे।
मेरी चूत लिकोरिया की वजह से पानी छोड़े जा रही थी!
जीजा जी, “दोनों जांघ अपनी पकड़ ले और अपनी बूर और मेरे करीब ला!”
मोना, “भक्क जीजा जी! थोड़ा पोज बदलने दीजिए, कमर अकड़ रही है!”
जीजा जी, “आह्ह्ह्न रण्डी!”
मोना, “उफ्फ जीजा! हां हां वहीं पे चोदते रहिए, उसी एंगल पे पेलिए! बहुत मोटा लन्ड है आपका आह्ह्ह्ह्!”
जीजा जी, “घोड़ी तू साली! घोड़ा का लन्ड लेने लायक गांड़ है तेरा! आह्ह्ह बपचोदी बूर कितना पानी छोड़ रहा है तेरा!”
मोना, “और जोर से जानू! सुबह से आपका लन्ड खाना चाह रही थी! थोड़ा धीरे जीजू!”
15 मिनट तक वो मुझे चोदते रहे!
मेरी गांड़ मोटी है इसलिए थप-थप की आवाज काफी तेज हो रही थी!
फिर मैं खड़ी हो गई और उनके मुंह में अपनी जीभ डाल दी!
मोना, “उम्म्म! सुनिए न! मेरी बहुत दिनों से एक जगह की खुजली मिटी नहीं है!”
मैं पूरी नंगी हो गई और जमीन पे घोड़ी बन गई!
मोना, “गांड़ मार दीजिए उफ्फ!”
जीजा जी, “उफ्फ रण्डी बपचोदी मोना! क्या माल है तू साली!”
उन्होंने अपनी जीभ मेरी गांड़ की छेद में घुसा दी!
जीभ का एहसास पाकर मैं पागल हो गई!
वो गांड़ पे थप्पड़ मार रहे थे और जीभ से चोद रहे थे!
मैं इतनी गरम थी की अगर मां भी आ जाती तो मुझे पता नहीं चलता!
जीजा जी, “साली तेरी बहन सही कहती थी कि मुरारी चाचा की बेटी दो नंबर औरत है!”
यह सुन मैं और गरम हो गई!
मैंने पूरी तरह गांड़ उठा दी।
जीजू ने लन्ड पे थूक लगाया और सीधे गहराई में धकेल दिया!
लन्ड से गांड़ की खुजली मिट रही थी!
मोना, “आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह! रुकिएगा नहीं जीजू!”
जीजा जी, “बाप रे! दोगली, असली मजा तो यह है तेरे शरीर का!”
मोना, “जीजू पूरा नोच दीजिए छेद को आह्ह!”
वो हवसी जानवर की तरह मेरी गांड़ मार रहे थे!
अंततः वो मेरी गांड़ में ही झड़ गए!
तभी मुझे आहट हुई कि कोई गुजरा है!
मैंने खुद को ठीक किया और कमरे से बाहर निकली!
मोना, “मुझे मां बुला रही थी क्या?”
चचेरी बहन, “हां, तू काफी देर से गायब थी!”
मोना, “मैं तेरे कमरे में ही आराम कर रही थी!”
चचेरी बहन, “हां मैंने भी देखा कि तू आराम कर रही थी, इसीलिए डिस्टर्ब नहीं की!”
मोना, “तू आई थी क्या कमरे में?”
चचेरी बहन, “नहीं, कमरे के पास थी! फिर देखी तू घोड़ी बनी है तो मैं दरवाजे के पास से ही वापस आ गई!”
मोना, “खुजली मिटवा रही थी! पति ड्यूटी पे चला गया है तो दूसरों से मिटवाना पड़ता है मेरी छोटी बहन!”
हम दोनों जीजा जी की तरफ देखकर हंसने लगे!
मेरी और उस बहन की अंडरस्टैंडिंग कैसे बनी, वो दूसरी कहानी में बताऊंगी!
यह हॉट साली Xxx कहानी आपको किसी लगी?
धन्यवाद!
मोना प्रिया
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