गांड एनल सेक्स कहानी में मैं अपने दोस्त से गांड मरवा चुका था. मुझे बहुत मजा आया था. दोबारा मौक़ा मिलते ही मैंने उससे अपनी गांड पूरी रात मरवाई.
नमस्ते दोस्तो, मैं सारिका (सागर)। आशा करता हूँ आपको मेरी पिछली कहानी
मेरी गांड का उद्घाटन मेरे यार ने किया
पसंद आई होगी।
नए दर्शकों को बता दूँ कि नीलेश मेरा दोस्त है और उसी ने मेरी गांड का उद्घाटन अपने 7 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लंड से किया था।
नीलेश ने मुझे प्रपोज़ किया और मैंने भी अपनी रजामंदी दे दी।
अब ज्यादा समय न लेते हुए सीधे गांड एनल सेक्स कहानी पे आता हूँ।
दोस्तो, ये कहानी थोड़ी गंदी है तो प्लीज पूरा मज़ा लेकर पढ़िएगा!
अब नीलेश रोज रात को जब हम लेटरीन जाते, उस वक्त पीछे बनी झाड़ियों में मुझे ले जाता और अपना लंड चुसवाता था और मेरी गांड चाट कर साफ़ कर देता था।
उसने मुझे बोला था कि अब वह तब ही मेरी गांड में लंड डालेगा, जब पूरी रात मैं उसकी बाहों में उसकी बीवी बन के रहूँ।
मैंने भी उसे बोला था कि जिस दिन मुझे मौका मिला, मैं आपको अपना सब-कुछ दे दूँगी।
ऐसे ही एक महीना निकल गया और वो मौका अब हमें मिलने वाला था।
मेरे घरवालों को किसी रिश्तेदार के यहाँ शादी में जाना था।
मैंने बीमारी का नाटक किया और घर पे रुक गई।
जब नीलेश को मैंने बोला कि अब 4 दिन तक मैं उसकी बाहों में रहूँगी, तो वो पागल हो गया!
वो सीधा मेरे घर आया, मुझे अपनी बाहों में लेकर चूसना चालू कर दिया।
ऐसे ही 10 मिनट तक मेरे होंठ उसने चूस कर लाल कर दिए और बोला, “तैयारी कर लो मेरी जान, आज हमारी सुहागरात है!”
मैंने भी अपने स्वामी का मान रखते हुए कहा, “आज से सारिका पूरी आपकी हो जाएगी!”
हमने किस किया और नीलेश रात के लिए तैयारी करने में लग गया।
उसने मुझे ढेर सारे फूल ला कर दिए।
एक प्लास्टिक बैग भी दिया जिसमें लाल साड़ी, लाल ब्रा, पैंटी और मेकअप का सामान था और मुझसे कहा कि आज रात को मुझे ये सब कपड़े पहने हुए रहना है।
4 बजे मैंने एकदम अच्छे से मेरी बॉडी के सभी बाल साफ़ कर लिए और शीशे में अपने आप को देखने लगी।
मां कसम दोस्तो, बड़ी चिकनी लग रही थी मैं! नीलेश रात को पागल होने वाला था क्योंकि ये एक सरप्राइज था उसके लिए।
मैं आज की रात को मेरी और उसकी जिंदगी की सबसे खास रात बनाना चाहती थी।
अब जैसे-तैसे मैंने टाइम निकाला और 10 बजे का इंतजार करने लगी।
नीलेश अपने घर पर बहाना बना कर आ गया कि आज रात को वह मेरे घर सोने आएगा क्योंकि यहाँ कोई नहीं है।
करीब 10:15 को वो आ गया और मुझे तैयार होने के लिए बोल दिया।
मैंने ब्रा और पैंटी तो पहन ही लिए थे, तो अंदर जाकर मैं साड़ी पहनने लगी।
15 मिनट में मैं मेकअप करके एकदम रेडी हो गई।
जब मैंने आईना देखा तो मुझे खुद को यकीन नहीं हुआ कि ये मैं हूँ!
मानो जैसे मेरे सामने कोई अप्सरा खड़ी हो, ऐसी दिख रही थी मैं।
अब उसके सामने जाने से पहले मैंने साड़ी का पल्लू उठाया और अपने सर पर लगा के उसके सामने बैठ गई।
अब वह मेरे पास आया और उसने मेरी साड़ी का पल्लू उठाया और मुझे देख कर पागल हो गया!
मेरे सामने देख कर वह बोला, “अब तुम ही मेरी बीवी हो और जिंदगी भर हम साथ रहेंगे!”
उसने मेरी साड़ी को हटा दिया और मुझसे बेताबियाँ करने लगा।
मेरे होठों को जैसे उसने काटना ही सीखा था।
मैं भी उसका पूरा साथ देने लगी थी और उसके होठों को तबीयत से किस कर रही थी और वह भी मेरा प्यार खा रहा था।
उसने मेरे होठों को बेतहाशा किस किया। मेरा पूरा चेहरा उसने अपने प्यार से भर दिया था और ऐसी कोई चीज नहीं बची जहाँ उसने मुझे किस नहीं किया हो।
अब उसने मेरी साड़ी निकाल दी और मेरे बगीचे को चूमने लगा।
मेरे बगीचे को चूमते-चूमते वह सीधा मेरा ब्लाउज निकालने लगा और सीधा मेरे स्तनों को चूसने लगा।
वह मेरे स्तनों को ऐसे चूस रहा था जैसे मानो उसे कोई जन्नत ही मिल गई हो!
कभी वह मेरे स्तनों को चूसता, तो कभी वह ऐसा करते-करते और नीचे जाने लगा और मेरी नाभि से होता हुआ सीधा नीचे आ गया।
अब उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया, सारे कपड़े निकाल दिये और मेरी पूरी बॉडी पर किस करने लगा।
अब उसने मुझे उल्टा लिटा दिया और मेरी पीठ पर किस करता हुआ सीधा नीचे गया और मुझे घोड़ी बनाया, जिससे मेरी गांड उसके सामने एकदम निकल कर बाहर आ गई।
उसने सीधा उसमें अपनी जीभ डाल दी और मेरी गांड को चाटने लगा।
पागलों की तरह मेरी गांड के छेद को चाटने लगा, जैसे उसे फिर कभी ये मिलने ही नहीं वाला हो! उसने अपनी पूरी जीभ मेरी गांड के छेद में डाल दी।
मैं पूरी तरह से उसकी गुलाम बन गई थी।
अब उसने 69 की पोजीशन ले ली और उसने मेरे मुँह में अपना लंड डाला और मुझे अपने ऊपर बिठाकर मेरी गांड को चाटने लगा।
उसकी पूरी जीभ मेरी गांड में जा रही थी, मानो मुझे तो जन्नत ही मिल गई हो!
“चाटो मेरे राजा! अपनी रानी की गांड ऐसी ही चाट लो!”
मेरी आवाज सुनकर वह और पागल हो रहा था और बहुत ही जोर-जोर से मेरी गांड को चाट रहा था।
मैं भी उसके लंड को जोर से चूस रही थी।
आज तो मैं भी उसके लंड का पानी पीना चाह रही थी इसलिए बहुत ही जोरों से चूस रही थी।
अब उसने मुझे सीधा लेटा दिया और फिर से मुझे किस करने लगा और बहुत सारी किस करने के बाद उसने मुझे बोला कि अब वह मेरी गांड में लंड डालने के लिए तैयार था।
लेकिन मुझे बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था क्योंकि उसने एक महीने से उसमें कुछ भी डाला नहीं था।
अब उसने मेरी गांड पर तेल लगाया और अपने लंड पर भी तेल लगाया और सीधा मेरी गांड के छेद पर लगा दिया।
वह तैयार था मेरी गांड में डालने के लिए!
लेकिन मुझे बहुत ही ज्यादा डर लग रहा था, इसलिए मैंने बोला, “बहुत ही आराम से करना जानू!”
अब उसने धीरे से एक धक्का दिया और उसके लंड का टोपा मेरी गांड के अंदर चला गया!
मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द हुआ, इसलिए मैं चिल्लाने वाला था लेकिन उसने अपना मुँह मेरे मुँह के ऊपर रख दिया।
मैं कुछ भी नहीं कर सकता था क्योंकि उसकी पकड़ बहुत ही मजबूत थी और उसने ऐसे ही अपना पूरा लंड मेरी गांड के अंदर डाल दिया! मुझे तो ऐसा लगा जैसे कोई सरिया मेरी गांड में घुस गया हो।
अब वह थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा और मुझे किस करता रहा।
जब मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसने मेरी चुदाई की शुरुआत धीरे-धीरे की।
उसने मेरी गांड को चोदना शुरू किया।
अब मुझे भी थोड़ा दर्द कम हुआ था, इसलिए मुझे भी मजा आने लगा था।
वह मुझे किस करता और मेरी गांड को चोद रहा था।
उसका पूरा लंड मेरी गांड में था और मैं उसे बोल रही थी, “आज चोद मेरे राजा! अपनी रानी की पूरी गांड फाड़ दे मेरे राजा! अपनी रानी को बराबर से चोद मेरे राजा! हे राजा, जल्दी से डालो! अब सहा नहीं जा रहा है! तुम्हारे इस डंडे की दीवानी हूँ मैं, इसकी गुलाम हूँ! मुझे चोदो मेरे राजा, बहुत ही जोर से चोदो! अब मुझे किसी और पोजीशन में चोदो मेरे राजा! मुझे घोड़ी बनाओ और चोदो! अह्ह्ह… अह्ह्ह… अह्ह्ह… वाह नीलू मेरी जान, चोदो मुझे! वाह नीलू मेरी जान, चोदो मुझे, बहुत मजा आ रहा है मेरी जान! ऐसी क्या लड़की तुम्हें दीवानी मिली है, इसे पूरी जिंदगी अपने सीने से लगा के रखना मेरे राजा! मुझे और चोदो!”
अब उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी, तब मुझे पता चल गया कि वह झड़ने वाला है।
वह मुझे बहुत ही स्पीड से चोद रहा था और उसके 10 मिनट बाद तक वह मुझे चोदता रहा और फिर अचानक ही मेरी गांड में अपना पूरा सफ़ेद पानी छोड़ दिया और ऐसे ही मेरे ऊपर आकर लेट गया।
हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे।
थोड़ी देर के बाद उसने फिर से मेरी गांड में अपनी ऊँगली घुसा दी, जिसमें पहले से ही थोड़ा पानी निकल गया था।
वह तो इतना गंदा था कि उसने मेरा पूरा पानी अपने मुँह में भर के लिया।
इस बार वह मुझे अपने ऊपर बिठाकर लंड डालना चाह रहा था और मैं उसकी हर जरूरत को पूरा करना चाह रही थी, इसलिए मैं उसके ऊपर बैठ गई और उसके लंड को मेरी गांड के छेद पर सेट किया।
उसने एक धक्का लगाया और पूरा लंड मेरी गांड में आ गया!
अब मैं धीरे-धीरे करके उसके लंड को अपनी गांड में ले रही थी।
मैं ऊपर-नीचे होकर उसका लंड मेरी गांड में ले रही थी।
मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं उछल-उछल कर उसके लंड को अपनी गांड में पूरा घुसा रही थी। वह भी पूरे जोश से मेरे होठों को चूस रहा था, कभी अपनी जीभ से तो कभी अपने होठों से। ऐसे ही करीब 20 मिनट तक चुदवाने के बाद, वह फिर से मेरी गांड में ही अपना पानी निकालने लगा।
कुछ देर उसे ऊपर लेने के बाद मैं थोड़ी बाजू में सो गई और वह मेरे बब्स को चूसने लगा और काटने लगा।
इस बार हम दोनों एक घंटे तक सोए रहे और उसके बाद फिर से उसका लंड खड़ा हो गया! उसने फिर से मेरी गांड का भर्ता बनाना शुरू कर दिया और इस बार उसने मुझे कम से कम 40 मिनट तक ठोका और अब उसने अपना पानी तीसरी बार मेरी गांड में ही छोड़ दिया।
अब मैं उसका लंड नहीं झेल पाती अपनी गांड में, तो मैंने उसे बोला और फिर हम दोनों सो गए।
ये सब करते-करते रात के दो बज गए थे और फिर कब हमें नींद आई, हमें भी पता नहीं चला।
3 घंटे बाद जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि फिर से नीलेश ने मेरी गांड को चूसना शुरू कर दिया है और वह अपनी पूरी जीभ डालकर बहुत ही मुश्किल से मेरी गांड को पूरी की पूरी चाट रहा था।
उसने फिर से एक घंटे तक मेरी गांड को बराबर से चाटा और फिर मुझे किस करके सो गया।
जब सुबह आँख खुली तो सुबह के 10 बज चुके थे और मुझसे चला भी नहीं जा रहा था।
उसके बाद मैंने जैसे-तैसे अपने आप को ठीक किया और उसे उठाया।
उसने मुझे पेनकिलर टैबलेट दी, मुझे नहलाया और फिर वह घर चला गया।
तब तक के लिए आपसे विदा लेती हूँ।
अपने मेल में मुझे जवाब जरूर दीजिए कि मेरी गांड एनल सेक्स कहानी कैसी लगी और अपने काले लंड की तस्वीर भी भेजिए।
आभार!
chudakkadraani@gmail.com