फ्रेंड हॉटवाइफ सेक्स कहानी में मेरे कॉलेज के दोस्त ने मेरा मकान किराए पर लिया. उसने एक दिन मुझे खाने पर बुलाया और मेरे सामने एक अशोभनीय प्रस्ताव रखा कि मैं उसकी बीवी को चोदूं.
आप लोगों ने मेरी कहानियों को बहुत सराहा है, जिसके लिए आप सभी को मेरा प्यार भरा धन्यवाद।
आज मैं अपने जीवन की किताब का वो पन्ना आपके साथ साझा कर रहा हूँ, जो सच में बहुत विचित्र है।
मुझे भी यकीन नहीं होता कि ऐसी कोई चीज़ कभी सच में भी हो सकती है!
तो फिर चलते हैं अपनी कहानी की ओर।
इनडीसेंट प्रोपोज़ल सेक्स कहानी है वर्ष 2021 की, जब मेरे स्कूल के समय के दोस्त राजेश ने मुझे बताया कि उसका ट्रांसफर मेरे शहर में हो गया है और वो अपनी पत्नी के साथ रहने आ रहा है।
उसने मुझे ज़िम्मेदारी दी कि उसके लिए कोई फ्लैट किराये पर मैं तलाश करूँ।
Covid के कारण कोई भी बाहर से आने वाले लोगों को किराये पर कमरा नहीं दे रहा था।
तब मैंने अपना ही एक फ्लैट उसे रहने के लिए दे दिया, जो मेरे घर से कुछ दूरी पर था।
राजेश की पत्नी सपना एक अच्छे घर की, पढ़ी-लिखी और मॉडर्न ज़माने की लड़की थी।
मेरी उनसे हमेशा फ़ोन पर बात हुई थी लेकिन हम कभी रूबरू नहीं हुए थे।
मुझे पसंद भी नहीं कि मैं किसी की ज़िंदगी में घुसूँ और बाद में रिश्ते खराब हों।
मैं अपने दोस्त की पत्नी का सम्मान करता हूँ और उन्हें हमेशा सम्मानजनक निगाहों से देखता हूँ।
तकरीबन एक माह गुज़र जाने के बाद राजेश ने मुझसे कमरे के किराये की बात की, तो मैं बोला कि जो समझ में आये दे देना।
इस पर उसने मुझे रात को खाने पर बुलाया और कहा कि भाभी बोली हैं कि उनके हाथ का खाना आकर खाओ।
मैं शाम को उनके घर 7 बजे गया।
दरवाज़े की घंटी बजायी.
तो गुलाबी रंग की साड़ी में एक गोरी-चिट्टी महिला ने दरवाज़ा खोला, जिनकी आँखें नशीली और मुस्कान चारों तरफ खुशियाँ बिखेर रही थी।
उनका कद 5 फीट 2 इंच था। बूब्स 32, कमर 32 और नितंब 34 थे, जो साड़ी के अंदर से और शोभा बढ़ा रहे थे।
उन्होंने नमस्कार किया और मुझे घर के अंदर बुलाया।
घर के अंदर जाते ही मेरा दोस्त मुझे गले लगा गया और कान में पूछा, “कैसी लगी मेरी वाइफ?”
मैं झिझक कर भाभी जी के सामने ही बोला, “भाई! कहाँ से मिल गयी इतनी सुन्दर भाभी तुम्हें? तुमने इन्हें पसंद किया तो समझ आता है, लेकिन इन्होंने तुम्हें कैसे पसंद कर लिया!”
मेरे इस मज़ाक पर सभी हँसने लगे।
मैंने सपना भाभी की तरफ देखा, तो उनके गालों पर शर्म की लालिमा थी और वो हँसते हुए रसोई में चली गयीं।
हम दोनों दोस्त कुछ देर रूम में बैठे, तो राजेश ने कहा, “आजा, एक-एक पेग हो जाये!”
मुझे अजीब लगा कि किसी दोस्त के घर उसकी पत्नी के सामने शराब पीना सही बात नहीं।
मैंने मना कर दिया, तो वो बोला, “चल यार चिल मार, सपना जानती है कि हम दोनों कभी-कभी बीयर पीते हैं।”
लेकिन मुझे फिर भी सही नहीं लगा.
तो मैंने साफ़ मना कर दिया।
उसने रसोई की तरफ आवाज़ देकर सपना भाभी से कहा, “रोहित शर्मा रहा है कि तुम्हारे सामने पीएगा नहीं!”
इस बात पर उन्होंने अंदर से ही कहा, “आप लोग एन्जॉय करें, मुझे कोई दिक्कत नहीं है! शर्म करने की कोई ज़रूरत नहीं। मैं भी आपका साथ देती, मगर मुझे बीयर का स्वाद पसंद नहीं है। वोडका होती तो शायद मैं भी साथ होती!”
राजेश हँसने लगा और बोला, “कोई नहीं, अगली बार ध्यान रखेंगे तुम्हारा!”
यह सुन कर मुझे लगा कि वो भी पीती हैं, तो फिर पी जा सकती है।
राजेश और मैं, दोनों बीयर पी रहे थे और सपना खाने की तैयारी कर रही थी।
दो बीयर के बाद नशा चढ़ने लगा, तो मैं राजेश से बोला, “तुम बहुत खुशनसीब हो जो इतनी सुन्दर पत्नी मिली तुम्हें, और तुम यह रात मेरे साथ बर्बाद कर रहे हो!”
तो वो बोला, “रात तो और भी हसीं हो जाये, अगर तुम साथ दो!”
मैं बोला, “मैं समझा नहीं?”
तो वो बोला, “दोस्त, एक बात कहना चाहता हूँ। तुम्हें गलत लगे तो प्लीज मुझे माफ़ कर देना।”
मैंने पूछा, “बता तो सही?”
तो वो बोला, “मुझे सेक्स करने में बोरियत लगती है। शुरुआत में तो मज़ा आता था, लेकिन अब कुछ और ही अच्छा लगता है।”
तो मैं बोला, “तुम्हारी पत्नी है, जो चाहे उसकी मर्जी से करो। अपनी सेक्स लाइफ का मज़ा लो!”
वो बोला, “मुझे अपनी पत्नी को चोदने से ज्यादा, उसे चुदते हुये देखना अच्छा लगता है! और तभी मुझे शांति मिलेगी।”
बहुत विचित्र इच्छा थी उसकी! इनडीसेंट प्रोपोज़ल था!
मैं हैरान था कि कोई पति अपनी पत्नी को किसी गैर मर्द से चुदते हुये कैसे देख सकता है!
मैं उससे बोला, “तुझे चढ़ गयी है, चल खाना खा और सो जा!”
उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोला, “सच दोस्त! मैं देखना चाहता हूँ कि मेरी पत्नी किसी और मर्द के साथ कैसे मस्ती करेगी! उसके सेक्स करते समय, मैं उसकी आँखों में सेक्स का नशा देखना चाहता हूँ।”
मैंने पूछा, “तुझे क्या मिलेगा इससे?”
वो बोला, “खुशी, जोश और जलन… जो मेरी सेक्स की शक्ति को और बढ़ा देगी!”
मैंने पूछा, “कभी भाभी ने किसी और के साथ सेक्स किया है?”
वो बोला, “नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि वो भी करना चाहती है। क्योंकि सेक्स करते समय जब मैं पूछता हूँ कि क्या किसी और के लण्ड की जरुरत है तुम्हें, तो वो कभी हाँ बोलती है तो कभी ना!”
राजेश ने अपनी पत्नी के लिए एक कृत्रिम लण्ड भी खरीदा था, जिसके उपयोग से सपना भाभी को मज़ा नहीं आया था।
भाभी बोली थीं कि जो मज़ा असली लण्ड में है, वो कृत्रिम लण्ड में कहाँ!
हम यही बातें कर रहे थे कि सपना भाभी आ गईं और बोलीं, “खाना तैयार है, चलो अब!”
हम सभी ने खाना खाया.
लेकिन राजेश के इनडीसेंट प्रोपोज़ल वाली बातों ने मुझे अंदर से विचलित कर दिया था।
मैं सपना की ओर देखता और फिर राजेश की तरफ, तो राजेश मौका देखकर मुझे सपना की तरफ इशारा करता।
खाना खाने के बाद मैंने भाभी को उनके बेहतरीन खाने की तारीफ करते हुए ‘शुभ रात्रि’ बोला और अपने घर चलने लगा।
राजेश ने पीछे से आवाज़ दी और कहा, “अपने दिल की बात मुझसे बता कर मैं जोश में आ गया हूँ! आज सपना को चोदने में अजीब सा मज़ा आयेगा, और मैं सपना से कहूँगा कि रोहित से चुदवा लो।”
पूरे रास्ते मैं राजेश और सपना के बारे में ही सोचता रहा।
रात भर मुझे नींद नहीं आयी।
मैं मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने लगा, जिसमें पति अपनी पत्नी को चुदवाते हैं।
कई वीडियो देखने के बाद मुझे इस बात का अहसास हुआ कि ये भी एक तलब है, जो हर किसी को नहीं होती।
लोगों को सेक्स करने में शारीरिक संतुष्टि के साथ-साथ मानसिक संतुष्टि भी चाहिये होती है।
और ये कुछ ठीक वैसे ही है, जैसे किसी को समोसे में हरी चटनी डाल कर खाने में मज़ा आता है, तो किसी को लाल, और किसी को बिना चटनी के।
ये कोई बीमारी नहीं है और ये सामान्य है, क्योंकि समाज में ये मान्य नहीं है, इसलिए अजीब लग रहा है।
लेकिन सपना इसके लिए राजी होती है या नहीं, इस बात पर भी सब निर्भर था।
राजेश ने मुझे एक हफ्ते के बाद फ़ोन पर कहा, “मैंने सपना से बात की और सपना भी राजी है! आज शाम को पार्टी करते हैं।”
मैं अंदर से उत्साहित था कि इतनी सुन्दर महिला मेरे साथ सेक्स करेगी.
लेकिन अंदर से डर भी था कि राजेश सच बोल रहा है या झूठ।
फिर भी, मैं सपना के घर उसकी पसंद की वोडका लेकर पहुँचा।
उसने दरवाज़ा खोला और खुश होकर मेरा स्वागत किया।
मैंने उसको वोडका की बोतल दी, तो वो और खुश हुई और मेरा हाथ पकड़ कर अंदर ले गयी।
उसका इस तरह हाथ पकड़ना मुझे अजीब लगा और यकीन भी हुआ कि शायद राजेश सच बोल रहा है।
आज पीने हम तीनों साथ बैठे थे।
सपना आज कुछ ज्यादा ही खुश थी।
राजेश ने कहा, “अपने दोस्त से गले लग लो!”
तो सपना ने कहा, “जब देखो फालतू बातें मत किया करो, तुम्हारा तो हमेशा दिमाग खराब रहता है!”
पीने के दौरान कई बार राजेश ने कहा, “अपने नये दोस्त को कुछ गरमा-गरम दो!”
तब भी सपना ने हँसी में बात टाल दी।
राजेश ने उसका हाथ ज़बरदस्ती मेरे लण्ड पर रख दिया, तो उसने झट से हटा लिया और बोली, “फालतू की चीजें मत करो!”
मैंने भी राजेश से कहा, “ऐसा मत करो यार, सपना ऐसा कुछ नहीं चाहती है।”
फिर मैं टॉयलेट गया, तो सपना रसोई की तरफ जाने लगी।
रसोई में राजेश ने सपना को अपनी बाहों में भर लिया और उसके होठों को चूमने लगा।
मैं बाहर खड़ा होकर सब देख रहा था।
तभी राजेश सपना को पीछे धक्का मारते हुए और चूमते हुए हॉल की तरफ आने लगा।
सपना दीवार से सटने वाली थी कि दीवार और सपना के बीच में मैं खड़ा हो गया।
अब दीवार पर पीठ लगाकर मैं खड़ा था, मेरे आगे सपना पीठ लगाकर खड़ी थी, और उसके आगे राजेश सपना को चूम रहा था।
उसने सपना से कहा, “रोहित से चुदवाओगी!”
तो सपना ने मना कर दिया और दोनों फिर से एक-दूसरे को आँखें बंद करके चूमने लगे।
तभी अचानक, सपना ने अपने हाथों को पीछे किया और मेरे लण्ड को अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया!
राजेश इस बात से पूरी तरह अनजान था कि सपना पीछे मेरा लण्ड मसल रही है।
मुझे लगा कि सपना राजेश से छुपकर करना चाहती है, लेकिन ये मेरा भ्रम था।
अचानक सपना घूमी और उसने मेरे कंधों पर अपने दोनों हाथ रख दिये।
राजेश ने सपना की साड़ी ऊपर उठाई और पीछे से सपना की चूत चाटने लगा!
सपना की आँखों में शराब के साथ-साथ सेक्स का नशा भी था, जिसने मेरा नशा भी बढ़ा दिया।
मौका देखकर मैंने सपना के दोनों बूब्स अपनी हथेलियों में दबोच लिये।
सपना ने बिना किसी झिझक के अपने रसीले होठों को मेरे होठों से लगा दिया।
हम दोनों एक-दूसरे के होठों का रस पीने लगे और राजेश नीचे उसके चूत के होठों का रस पीने लगा।
मुझे याद नहीं कि कब हम दोनों पूरी तरह बिना कपड़ों के हो गये।
मैं समझ चुका था कि आज मेरी बारी है, तो मैंने सपना को वहीं सोफे पर घोड़ी बनाया और पीछे झुक कर उसकी गुलाबी चूत को चाटना शुरू किया।
सपना अपनी चूत में मेरी जीभ का एहसास कर रही थी और राजेश से बोली, “तुम्हारा दोस्त तो तुमसे भी बेहतर चा…चा…चा…चाट रहा है!”
और वो सिसकियाँ भरने लगी।
राजेश सामने बैठकर देखने लगा और अपना लण्ड अपने हाथों से सहलाने लगा।
सपना ने राजेश से कहा, “देखो, तुम चाहते थे न कि मैं किसी और के लण्ड से खेलूँ!”
राजेश बेबसी का चेहरा बना कर बोला, “हाँ! खेलो अपने यार के लण्ड से!”
और सपना उठ कर मेरे लण्ड को हाथ में लेकर राजेश के सामने ही चाटने लगी।
उसने अपनी जीभ की नोक से लण्ड के आगे के हिस्से को कुरेदना शुरू किया, जिसने मेरे बदन में आग लगा दी।
फिर प्यार से मेरे लण्ड की टोपी उतार कर, आगे के हिस्से को मुँह में लेकर चूसते हुए जीभ से चाटने लगी।
चाटते हुए उसने लण्ड की गोलियाँ तक चाटीं और मेरा नशा सातवें आसमान पर था।
एक मर्द को जीवन का असली सुख एक औरत ही दे सकती है।
इतना होने के बाद सपना ने लण्ड मुँह से निकाला और राजेश को देखते हुए हँसने लगी।
सपना ने कहा, “रोहित, सोफे पर बैठो!”
और वो खुद मेरी गोद में आकर बैठ गयी।
उसके बूब्स मैं चूसने लगा, तो उसने दोनों हाथ मेरे कंधों पर रखकर सिसकियाँ लीं और आँखें बंद कर लीं।
उसने राजेश से कहा, “क्या तुम्हें मेरी चूत का ताज़ा रस पीना है?”
राजेश बोला, “हाँ!”
तो वो बोली, “तो क्या अपनी पत्नी की चूत में उसके यार का लण्ड नहीं डालोगे!”
यह सुन कर मुझे भी असीम खुशी मिली।
तभी राजेश हम दोनों के नज़दीक आया और मेरे पैरों के पास बैठ गया।
सपना ने कहा, “साले कुत्ते! अपनी पत्नी की चूत में सूखा लण्ड मत डालना!”
राजेश ने मेरा लण्ड पकड़ा और उसे अपनी जीभ से गीला करके सपना की चूत पर लगाया।
मैं आश्चर्य में था कि ये मेरा दोस्त आज क्या कर रहा है!
और फिर सपना मेरे खड़े लण्ड पर बैठ गयी।
मेरा लण्ड सपना की गीली चूत में अंदर तक समा गया।
सपना ने पूरा लण्ड लेने के बाद कुछ सेकंड के लिए उसे अपनी चूत में रोक कर रखा और महसूस किया।
उसकी चूत के अंदर हो रही हरकतों को मैं अपने लण्ड पर साफ महसूस कर रहा था।
अचानक सपना मेरे लण्ड पर ऊपर-नीचे कूदने लगी और 3 से 4 मिनट में ही वो झड़ गयी!
वह फिर भी मेरे लण्ड पर बैठी रही, उसके दोनों हाथ मेरे गले में थे और वो मुझसे बिना कपड़ों के लिपटी रही।
फिर मैंने सपना को सोफे पर लिटाया और उसके ऊपर लेट कर उसे चोदने लगा।
सपना दोबारा तैयार थी और सिसकियाँ लेने लगी।
फिर वो मुझसे लिपट गयी और उसका पानी फिर से निकल गया।
राजेश मुझसे बोला, “अब मुझे चोदना है!”
और वो फिर सपना के ऊपर चढ़ गया।
सपना की चूत पर 15 मिनट तक मेहनत करने के बाद राजेश का भी लण्ड झड़ गया।
सपना ने कहा, “आज मैं इससे ज्यादा सेक्स नहीं कर सकती!”
और वो अपने बेडरूम में चली गयी.
और राजेश भी उसके साथ चला गया।
मेरा लण्ड अभी भी खड़ा था, इसलिए मुझे बाथरूम में हिला कर अपनी आग बुझानी पड़ी।
सुबह सपना ने मुझे बताया कि उसने पहली बार किसी गैर मर्द के साथ सेक्स किया है और उसे इस बात की बेहद शर्मिंदगी है। उसका मूड ठीक नहीं है और वो दोबारा नहीं मिलना चाहती है।
मुझे समझ में नहीं आया कि उन दोनों ने मुझे किस बात की सज़ा दी?
ये बात वही बता सकते हैं जिन्होंने ऐसा लम्हा जिया हो, या जीने की सोचते हैं!
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