Dirty Sex Ki Iccha Ek Purani Dost Ne Puri Ki
Xxx डर्टी चुदाई कहानी में मुझे काफी अरसे बाद मेरी एक दोस्त मिली. मैं उसकी चूची चूस चुका था पर उसे चोदा नहीं था. इस बार मैं उसे चोदना चाहता था.
दोस्तो, बहुत दिनों बाद एक स्टोरी लिख रहा हूँ।
आज से 2 साल पुरानी Xxx डर्टी चुदाई कहानी है यह।
मैं मुंबई शिफ्ट हो गया तो मैंने मेरी पुरानी दोस्त को फोन किया था।
बात करते-करते वो बोली कि उसकी लड़की फिलहाल नाशिक में जॉब कर रही है, अगर मुंबई में उसके लिए जॉब होगा तो बताना।
तो मैंने अपनी कंपनी में बात की और उसकी लड़की का काम हो गया।
फिर मेरी दोस्त नलिनी और उसकी लड़की मोना दोनों मेरे घर पर आये।
फिर उसको एक फ्लैट दिखाया रेंट पे और उसकी लड़की का जॉब शुरू हो गया।
गर्मी का सीजन था।
मेरे घर वाले सब गाँव गये थे और मेरी दोस्त भी मुंबई आयी थी अपनी लड़की के पास।
मेरी छुट्टी थी और नलिनी ने सुबह मुझे फोन किया- क्या कर रहे हो, आ जाओ चाय-नाश्ता करते हैं।
तो मैं उसे मिलने चला गया।
मैं टी-शर्ट और बरमूडा पहनकर चला गया, अंदर कुछ भी नहीं पहना था।
जब मैं गया तब तक उसकी लड़की जॉब पे चली गयी थी।
नलिनी घर पर अकेली ही थी।
जब मैं गया तो वह नाइटी में ही थी जो छोटी ही थी। उसके गोरे-गोरे पैर दिख रहे थे।
बातें चल रही थीं और मेरा ध्यान बार-बार उसके चूचे पर जा रहा था।
शायद उसने अंदर कुछ पहना नहीं था इसलिए उसके निप्पल के टोक नाइटी के ऊपर दिख रहे थे।
बहुत पहले की बात थी, मैंने उसके चूचे चूसे थे लेकिन उस दिन उसने चूत को हाथ लगाने नहीं दिया था।
वही बात मुझे याद आ रही थी लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी।
शायद उसके ध्यान में यह बात आ गयी।
जब हम दोनों वर्धा में एक साथ रहते थे तो हम लोग अक्सर सेक्स के बारे में बातें करते थे लेकिन चूचे चूसने के आगे मैं कभी गया ही नहीं। चूचे चूसे थे, वो भी एक ही बार।
फिर उसने ही बात छेड़ी, “प्रकाश, कैसी चल रही है तेरी सेक्स जिंदगी?”
मैंने बोला, “ठीक ही चल रही है।”
फिर मैंने उससे पूछा, “तेरी जिंदगी कैसी चल रही है?”
तो वो कुछ बोली नहीं।
मैंने भी बाद में कुछ पूछा नहीं।
तभी उसके हाथ से चाय उसकी जाँघ और चूचे पर गिर गयी, जो थोड़ी गरम थी।
मैं भागते हुए अंदर गया और ठंडा पानी लेकर आया।
मैंने उसकी नाइटी कमर तक उठाई।
देखा तो उसने निक्कर नहीं पहनी थी, नीचे से नंगी थी।
फिर मैंने उसकी जाँघ पे ठंडा पानी डाला और उसको बोला, “नाइटी उतार!”
उसने बिना कुछ बोले नाइटी उतार दी।
वैसे भी उसने अंदर कुछ पहना ही नहीं था।
फिर मैंने उसके चूचे के ऊपर भी पानी डाला और चूचे को हाथ लगाकर पूछा, “जल रहा है क्या?”
तो बोली, “मुझे कुछ नहीं हुआ।”
उसने अंदर कुछ भी पहना नहीं था इसलिए मैंने बाजू में रखा टॉवेल उसके शरीर पर डाल दिया।
अच्छा यह था कि उसको कुछ हुआ नहीं था।
मैं समझ गया चाय ठंडी होगी फिर।
कभी वो मुझे चूत दिखा रही थी तो कभी चूचे दिखा रही थी, वो भी यही चाहती थी कि किसी कारण नाइटी मैं उसे उतारने के लिए बोलूँ।
तभी उसका फोन बजा, उसकी लड़की का था।
उसने टॉवेल बाजू में रखकर, वैसे ही नंगी होकर दूसरे रूम में गयी और बात कर रही थी।
मुझे लगा कि जाकर वो कपड़े पहनकर आयेगी.
लेकिन वह वैसे ही नंगी बाहर आयी और मेरे बाजू में बैठकर बातें करने लगी।
बात करते-करते वह मेरी गोद में आकर बोली, “प्रकाश, जिस दिन से तूने मेरे चूचे चूसे थे, उसी दिन से मेरे मन में कुछ था!”
फिर मैंने पूछा, “फिर तूने उस दिन नीचे हाथ लगाने क्यों नहीं दिया?”
तो बोली, “यार, मैं डर रही थी।”
ऐसे बात करते-करते हम सेक्स फैंटेसी के बारे में बात करने लगे।
मैंने उसको बोला, “मुझे ना डर्टी सेक्स बहुत पसंद है, लेकिन मेरी बीवी को अच्छा नहीं लगता ये सब!”
तभी वो झट से बोली, “दोस्त यार, तूने तो मेरे मन की बात कर दी आज! चल फिर आज हम दोनों अपनी मन की मुराद पूरी करते हैं! मैं तुम्हारा साथ दूँगी, तुझे कोई प्रॉब्लम ना हो तो!”
मैंने बोला, “नेकी और पूछ-पूछ!”
फिर मैंने उसे बोला, “देख ले, पीछे मत हटना हाँ!”
तो नलिनी को गुस्सा आ गया।
उसने मुझे नंगा किया।
फिर नलिनी ने मुझे जमीन पर लिटाया और मेरा लँड जोर-जोर से चूसने लगी।
फिर उसने मुझे 69 पोजीशन में लिया और मेरा लँड, गोटियाँ जोर-जोर से चूसी और मेरी गाँड का होल जीभ से चाटने लगी।
मेरे शरीर में तो करंट दौड़ गया!
मैं उसकी चूत जोर-जोर से चूस रहा था।
थोड़ी ही देर में हम दोनों भी एक-दूसरे के मुँह में झड़ गये… एक भी बूँद ना गिरते हुए… दोनों ने एक-दूसरे को साफ किया।
फिर नलिनी बोली, “मुझे प्यास लगी है!”
तो मैंने ‘हाँ’ बोला, तो बोली, “फिर मुँह खोलो!”
और तो मैंने मेरा लँड उसके मुँह में रख कर मूतने लगा।
वो मेरा पूरा मूत पी गयी और बोली, “पहली बार मैंने मूत पीया!”
11 बजने वाले थे, वह बोली, “क्या खाना है बोल?”
फिर वो किचन में गयी।
मैं भी उसके पीछे किचन में चला गया।
उसने वापस पूछा, “क्या खायेगा बोल जल्दी?!”
मैं बोला, “तुझे खाना है!”
तो हँसने लगी और बोली, “जल्दी बोल ना!”
तो वहाँ पर मुझे मीडियम साइज़ के करेले दिखाई दिये।
मैंने उसे बोला, “करेले की सब्जी कर दे।”
तो बोली, “ठीक है।”
तो उसने करेले धोये।
तो मैं बोला, “रुक!”
मैंने उसे उठाकर किचन के ओटे पर बिठाया और एक-एक करेला लेकर उसकी चूत पर करेले से मारने लगा।
करेले के ऊपर बहुत उभार होते हैं, उसकी वजह से वो बहुत उत्तेजित हो रही थी।
5 मिनट में वो झड़ गयी, उसका सारा पानी मैं पी गया।
फिर मैंने उसे बोला, “अभी ये दोनों करेले पे चूत का पानी लगा हुआ था। ये तेरे चूत से आये हैं, अभी इसको काट और सब्जी बना!”
नलिनी बोली, “यार, तेरा दिमाग तो बहुत चलता है ये मामले में!”
फिर उसने उसकी सब्जी बना ली।
वो आटा गूँथने लगी… तभी मालूम नहीं उसे क्या हुआ… मेरी तरफ आके मेरा लँड चूसने लगी।
मुझे थोड़ा अंदाजा हो गया कि ये क्या करने वाली है।
जब मैं उसको बोला कि मैं झड़ने वाला हूँ, तो उसने आटा मेरे लँड के सामने लाया और मेरा सब वीर्य आटे के ऊपर डालने के लिए बोला।
फिर लँड मुँह में लेकर साफ किया।
उसने फिर मेरा पूरा वीर्य आटे में मिक्स करके उसकी रोटी बनायी।
फिर हम दोनों ने खाना खाया, वो भी एक-दूसरे को मुँह से खिला रहे थे।
मैं बोला, “नलिनी यार, पानी पिला दे थोड़ा।”
फिर वो उठी और मेरे मुँह पे चूत लगायी और बोली, “जितना पीना है उतना पानी पी ले मेरा!”
फिर वह मेरे मुँह में मूतने लगी।
ऐसे करके खाना होते-होते हमने एक-दूसरे को मूत पिलाया और खाना खा लिया।
फिर हम लोग नंगे ही बातें कर रहे थे।
मैंने नलिनी को बोला, “यार, मजा आ रहा है कि नहीं?”
फिर वह फ्रिज से आइसक्रीम लेकर आयी… फिर उसने आइसक्रीम मेरे निप्पल पे लगाया, फिर लँड पर लगाया, फिर गाँड पर लगाया और आराम से चाटने लगी।
मेरा लँड एकदम कड़क हो गया था… उसे देखकर नलिनी बोली, “वाह! आज तो मजा आयेगा तेरे लँड से चुदने का!”
मेरे शरीर पर लगाया सब आइसक्रीम नलिनी ने चाट के साफ किया और बोली, “अब तुम्हारी बारी है!”
मैंने उसको बोला, “हाथ ऊपर कर!”
फिर उसकी काँख में, उसके चूचे पर, उसकी नाभि पर, उसकी चूत पर और उसकी गाँड पर आइसक्रीम लगाया और चाटने लगा।
जैसे ही उसकी काँख को चाट रहा था तो बोली, “यार, क्या कर रहा है… कुछ हो रहा है!”
फिर उसके चूचे चूसे, नाभि को चाट-चाट कर साफ किया।
पहले गाँड पर लगी आइसक्रीम साफ की, फिर उसकी चूत चाटने लगा।
वो ‘आह हह आह…’ कर रही थी… बोल रही थी, “चाट ना प्रकाश, अच्छा लग रहा है! आहह हह आह!”
मैंने उसके चूत के दाने को जोर से काटा तो वो चिल्लाई और बोली, “साले, जरा धीरे ना…! आहहह आह!”
करते-करते वो मेरे मुँह में छूट गयी… और शांत हो गयी।
मैं उसको बोला, “अरे, अभी तो मुझे तेरी चूत मारनी है और तू शांत हो गयी?”
तो बोली, “साले, तू चूत ही ऐसी चाटता है कि मेरा पानी निकल जाता है!”
फिर वो बोली, “रुक!”
उसने आइसक्रीम का डब्बा लिया और मेरा लँड उसमें अंदर तक डाला।
मुझे सहन नहीं हुआ।
मैंने नलिनी को बोला, “आहह, क्या कर रही है… आहहह आह… मेरा लँड निकाल डब्बे से, मैं झड़ जाऊँगा!”
लेकिन उसने मेरी एक नहीं सुनी, मैं आइसक्रीम में ही झड़ गया।
उसने मेरा वीर्य आइसक्रीम में मिक्स किया, मुझे एक चमचा आइसक्रीम खिलाया, उसने खुद एक चमचा खाया और पूछा, “कैसा लग रहा है?”
मैं बोला, “चलो, तेरी वजह से मुझे आज मेरे वीर्य का टेस्ट लेने का अवसर प्राप्त हुआ!”
फिर वापस लँड को चाट कर लँड को खड़ा किया और वापस आइसक्रीम में डालकर पूरा आइसक्रीम लगाया लँड पर और बोली, “अब चल, मेरी चूत मार!”
मैंने आइसक्रीम से भरा लँड उसकी चूत में डाला।
वैसे ही नलिनी चिल्लाने वाली थी, मैंने उसका मुँह बंद किया।
फिर मैंने जोर-जोर से उसकी चूत मारना शुरू किया।
थोड़ी देर बाद मैंने उसके मुँह से हाथ हटाया तो बोली, “यार, चूत में आइसक्रीम डालने के बाद मेरी चूत तो और गरम हो गयी थी!”
हम दोनों एक-दूसरे के अंग से खेलते हुए सेक्स कर रहे थे।
मेरा होने के कगार पर था… मैंने नलिनी को बोला, “मैं झड़ने वाला हूँ!”
तो बोली, “फिर जोर-जोर से मेरी चूत मार! मेरा दो बार हो गया है… तेरे साथ आना चाहती हूँ!”
फिर मैं चूत जोर-जोर से मारने लगा और उसकी चूत में झड़ गया।
मैं घबरा गया, मैंने नलिनी को बोला, “यार, सॉरी! तेरी चूत में झड़ गया।”
तो बोली, “अरे चिंता मत कर, मैं गोली ले लूँगी।”
फिर उसने आइसक्रीम का डब्बा नजदीक लाया और मेरा और उसका पानी जो उसकी चूत से नीचे गिरने वाला था, उसको उसने आइसक्रीम के डब्बे में डाल दिया।
मैंने उसको बोला, “अरे, तेरी बेटी ये आइसक्रीम खायेगी तो?”
तो बोली, “अरे, उसको ये आइसक्रीम अच्छी नहीं लगती, वो चॉकलेट वाली खाती है।”
फिर नलिनी ने आइसक्रीम का डब्बा उठाया और फ्रिज में रख दिया।
हम लोग थक गये थे, इसलिए नलिनी बोली, “थोड़ी देर सोते हैं।”
नलिनी मेरी बाहों में ही सो गयी।
थोड़ी देर बाद करवट बदल के मेरी तरफ गाँड कर दी।
मेरा लँड उसकी गाँड को टच कर रहा था।
मेरा लँड वापस आकार ले रहा था… मैंने उसकी गाँड के ऊपर से लँड का घिसना शुरू किया।
तभी वो भी नींद से उठ गयी और बोली, “अभी तेरे को मेरी गाँड मारनी है क्या?”
मैं बोला, “हाँ।”
तो बोली, “यार, मैंने अभी तक गाँड मरवाई नहीं है।”
मैं उसको बोला, “मैंने भी अभी तक गाँड नहीं मारी है… प्लीज मारने देना तेरी गाँड!”
तो बोली, “मैं क्या तेरी बीवी हूँ क्या!”
फिर मैं उसको बोला, “तो चल, कुछ टाइम के लिए मेरी बीवी बन जा… चल, मैं तेरी चूत के पानी से तेरी माँग भरता हूँ!”
मैंने उसकी चूत में उंगली डाली और वही उंगली पे लगे दोनों के वीर्य से उसकी माँग भरी।
हम दोनों हँसने लगे।
फिर किचन से वो तेल लेकर आयी… और मेरे लँड पर लगाया और उसकी गाँड में डालने के लिए बोला।
मैंने उसकी गाँड पर तेल डाला और फिर एक उंगली तेल में डुबा के उसकी गाँड में डाली, फिर धीरे-धीरे दो उंगली डाली।
फिर मैं उसको बोला, “तेरी निक्कर या तेरी ब्रा किधर है?”
तो उसने अपनी ब्रा दी, तो मैंने वो उसके मुँह में ठूँस दी और बोला, “माफ करना, लेकिन तू चिल्लायेगी तो अपने को प्रॉब्लम हो जायेगी!”
उसने कुछ नहीं बोला।
फिर मैं डॉगी स्टाइल में धीरे-धीरे उसकी गाँड में लँड डालने लगा।
नलिनी छटपटा रही थी।
फिर मैंने उसको सीधा किया… उसके चूचे चूसते-चूसते धीरे-धीरे लँड गाँड में डालने लगा.
करीब आधा लँड उसकी गाँड में चला गया था।
फिर मैंने जोर का लँड निकाला और जोर का धक्का मारके उसकी गाँड में पूरा लँड डाल दिया!
उसने जोर से मुझे चांटा मारा, और दोनों हाथ से मुझे मारने लगी।
मैं रुक गया… तो उसने मुँह से अपनी ब्रा हटायी और मेरे ऊपर चिल्लाई, “साले भोसड़ी के! मैं क्या तेरी रँडी हूँ क्या? ऐसे भी कोई अंदर डालता है क्या?”
उसकी आँख से पानी आ रहा था।
मैं घबरा गया, मैं लँड निकालने ही वाला था तो बोली, “अभी गाँड मार ना भोसड़ी के! कि तेरी हवा निकल गयी?”
उसने मुझे गले लगा दिया और कान में बोली, “सॉरी, मुझे सहन नहीं हुआ इसलिए तुझे मारा… चाहे तू कितना भी मार मुझे लेकिन मुझे माफ कर दे।”
ऐसा बोल के मेरा हाथ लेकर अपने गाल पर मारने लगी।
मैं बोला, “एक बात बोलूँ नलिनी, तूने गाली दी या मारा, मुझे अच्छा लगा! देख लँड एकदम टाइट हो गया है… सेक्स करते समय गाली देना चाहिये, मेरी रँडी दोस्त!”
फिर मैं उसकी गाँड मारने लगा।
मुझे झड़े ज्यादा टाइम हुआ नहीं था, तो अभी जल्दी आना संभव नहीं था।
मैं जोर-जोर से उसकी गाँड मारने लगा।
अभी नलिनी को भी मजा आने लगा था… वो भी मेरा साथ दे रही थी।
तभी नलिनी बोली, “मुझे सुसू आयी है! मुझे बेड से उठा और नीचे रख।”
मैंने उसको उठाया और नीचे रखा लेकिन लँड नहीं निकाला गाँड से… और फिर जोर-जोर से उसकी गाँड मारने लगा… तभी नलिनी ने मेरे शरीर पर अपनी सुसू की धार उड़ाई और खाली हो गयी।
अब नलिनी बोलने लगी, “यार, कितनी देर अभी? शायद मुझे पॉटी आयेगी, मुझे टॉयलेट लेकर चल, ऐसे ही लँड मत निकालना गाँड से।”
फिर क्या, अंदर जाते ही जैसे ही मेरा लँड थोड़ा बाहर आता, उसके साथ थोड़ी पॉटी बाहर आती।
मैंने उसको बोला, “मेरा भी होने वाला है!”
तो बोली, “अंदर ही पानी डाल दे!”
फिर मैं उसकी गाँड में झड़ गया।
मैंने लँड बाहर निकाला तो लँड पूरा पॉटी से भरा हुआ था… फिर उसने उसको धोया।
मैंने नलिनी को बोला, “यार, मुझे भी पॉटी आ रही है।”
फिर हम दोनों ने खड़े रहकर पॉटी की, एक-दूसरे की गाँड धोयी।
नलिनी बोली, “मैं टॉयलेट साफ करती हूँ तब तक तू बाथरूम में जा, मैं आती हूँ फिर हम लोग नहा लेते हैं।”
फिर हम दोनों नहाने लगे.
बाथरूम में जाकर हमने एक-दूसरे के ऊपर सुसू की… और एक बार उसकी चूत मारी… फिर नहा के बाहर आ गये।
तभी नलिनी की लड़की का फोन आया, “मैं घर आ रही हूँ… कुछ लाना है क्या?”
तो नलिनी बोली, “कुछ मत ला… अंकल आये हुए हैं घर पे।”
फिर नलिनी ने घर भी साफ किया।
और फिर हम लोग कपड़े पहन कर बैठ गये।
उसकी लड़की आयी, मेरे साथ बात करने लगी और फिर अंदर चली गयी… और वहाँ से नलिनी को पूछा, “खाने के लिए कुछ है क्या मम्मी?”
तो नलिनी बोली, “नहीं बेटा, कुछ भी नहीं है।”
तभी उसकी बेटी प्लेट में करेले की सब्जी और रोटी लेकर आ गयी।
मैंने इशारे से नलिनी को बोला, “मत खाने दे उसको ये!”
नलिनी बोली, “अरे बेटी, ये शायद खराब हो गया होगा, मैं तुझे अभी कुछ बना देती हूँ… तू ये मत खा!”
लेकिन उसने एक नहीं सुनी… और खाने लगी।
हम लोग एक-दूसरे की तरफ देख रहे थे।
उसकी बेटी बोली, “मम्मी, आज इसकी टेस्ट कुछ अलग ही लग रही है लेकिन मस्त है!”
उसने खत्म कर दिया खाना और आइसक्रीम का डब्बा लेकर आयी और डायरेक्ट डब्बे से ही आइसक्रीम बड़ी चाव से खाने लगी।
तभी उसको किसी का कॉल आ गया और वो कपड़े पहनकर बाहर चली गयी…।
फिर हम दोनों हँसने लगे… कुछ कर भी नहीं सकते थे तभी।
ऐसे ही जब तक नलिनी वहाँ थी, और जब भी नलिनी मुंबई में आती, तो ये डर्टी सेक्स का दौर चलता ही रहा।
Xxx डर्टी चुदाई कहानी कैसी लगी?
प्रकाश चंद
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